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विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से हटेगा बेली ब्रिज, मुंगेर-भागलपुर 83 KM मार्ग के लिए शिवराज और सम्राट ने की बड़ी घोषणा

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:40 PM (IST)

Munger Bhagalpur Ganga Pathway Redesign Flood Relief: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंगेर-भागलपुर के बाढ़ ...और पढ़ें

Munger Bhagalpur Ganga Pathway Redesign Flood Relief: मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे अब बनेगा सुरक्षा बांध; सीएम सम्राट चौधरी और शिवराज सिंह चौहान ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण

Munger Bhagalpur Ganga Pathway Redesign Flood Relief: मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे अब बनेगा सुरक्षा बांध; सीएम सम्राट चौधरी और शिवराज सिंह चौहान ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण

HighLights

  1. मुख्यमंत्री-केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ प्रभावित मुंगेर-भागलपुर का हवाई सर्वेक्षण किया।

  2. 83 किमी गंगा पथवे अब एलिवेटेड की जगह 'एट-ग्रेड' बनेगा।

  3. विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज हटाने का काम 1 अक्टूबर से।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Munger Bhagalpur Ganga Pathway Redesign Flood Relief: गंगा की प्रलयंकारी बाढ़ की विभीषिका झेल रहे अंग और मुंगेर प्रमंडल के लाखों बाशिंदों के लिए बुधवार का दिन नई उम्मीदों और बड़े नीतिगत फैसलों की सौगात लेकर आया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को संयुक्त रूप से मुंगेर और भागलपुर के जलमग्न इलाकों का सघन हवाई सर्वेक्षण किया।

हवाई मुआयने के बाद दोनों शीर्ष नेताओं ने जमीनी हकीकत परखने के लिए मुंगेर और भागलपुर स्थित विभिन्न राहत शिविरों का दौरा किया तथा बेघर हुए प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पूर्ण संबल व सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीमावर्ती और दियारा क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित करने वाले एक युगांतरकारी बुनियादी ढांचे का खाका पेश किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बहुप्रतीक्षित 83 किलोमीटर लंबे मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे के निर्माण प्रारूप में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है।

अब इसे खंभों पर टिके एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय जमीन की सतह से सटाकर 'एट-ग्रेड' (तटबंध की तर्ज पर मजबूत गाइड वाल युक्त बांध) के रूप में तैयार किया जाएगा। यह फोरलेन सड़क सामान्य दिनों में जहां दोनों प्रमंडलों के बीच सुगम और द्रुतगामी आवागमन का जरिया बनेगी, वहीं मॉनसून के दौरान गंगा के उफान को रिहायशी बस्तियों व उपजाऊ खेतों में घुसने से रोकने वाली अभेद्य ढाल साबित होगी।

नवजातों के परिजनों को चेक, विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से काम

भागलपुर के बरारी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में संचालित विशाल राहत शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। नेताओं ने शिविर में बनाए गए बाल मनोरंजन कक्ष में बच्चों के साथ आत्मीय वक्त बिताया और जरूरतमंद महिलाओं के बीच डिग्निटी किट का वितरण किया। इस दौरान बाढ़ आपदा के बीच जन्म लेने वाले तीन नवजात शिशुओं के परिजनों को विशेष सहायता राशि के चेक सौंपे गए।

भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने जिले में सक्रिय एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों के रेस्क्यू अभियानों का पूरा ब्योरा रखा। मुख्यमंत्री ने भागलपुरवासियों की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर महत्वपूर्ण समय-सीमा साझा करते हुए बताया कि आगामी 1 अक्टूबर से सेतु पर लगे अस्थायी बेली ब्रिज को हटाने और उसके स्थायी सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा, जिसे हर हाल में जनवरी तक मुकम्मल कर लिया जाएगा।

मुंगेर में सीताकुंड शिविर का निरीक्षण, समस्याओं के फौरी समाधान का निर्देश

मुंगेर जिले के नवागढ़ी (शीतलपुर) स्थित उच्च विद्यालय सीताकुंड परिसर में बने राहत केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री ने वहां स्थापित पंजीकरण काउंटर, अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र, मानव व पशु चिकित्सा शिविर तथा सामुदायिक रसोई का बारीकी से निरीक्षण किया। मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर ने राहत व बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।

  • मुंगेर और भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया संयुक्त हवाई सर्वेक्षण

  • 83 किमी लंबे प्रस्तावित मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे के डिजाइन में बड़ा फेरबदल; खंभों पर एलिवेटेड की जगह अब जमीन से सटा 'एट-ग्रेड' सुरक्षा बांध बनेगा

  • लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से शुरू होगा बेली ब्रिज हटाने और पुनर्स्थापन का कार्य, जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य

  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नुकसान के आकलन के बाद केंद्र से व्यापक वित्तीय व तकनीकी मदद का दिया ठोस भरोसा

मुख्यमंत्री ने शिविर में मौजूद विस्थापितों से संवाद करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के सामने रखें, जिनका त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने अब तक 8.5 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे अनुग्रह (जीआर) राशि अंतरित कर दी है।

केंद्रीय टीमें पहुंचीं बिहार, नुकसान का सर्वे कर हरसंभव मदद देगा केंद्र: शिवराज

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य प्रशासन के तत्परतापूर्ण आपदा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि बीते दो सप्ताह से राहत शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा और वस्त्र की पुख्ता व्यवस्था सराहनीय है। उन्होंने कहा कि फसलों, मकानों और मवेशियों को पहुंचे नुकसान का वैज्ञानिक आकलन करने के लिए केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के उच्चस्तरीय अध्ययन दल बिहार पहुंच चुके हैं। सर्वे रिपोर्ट मिलते ही केंद्र सरकार प्रभावित किसानों और परिवारों की क्षतिपूर्ति के लिए हरसंभव वित्तीय और तकनीकी सहायता तुरंत जारी करेगी।

आला प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

इस उच्चस्तरीय दौरे के दौरान नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, विधायक कुमार प्रणय, विधायक नचिकेता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) राकेश कुमार, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार और मुंगेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सैयद इमरान मसूद सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।