जागरण संवाददाता, बांका। जिले के सूईया थाना क्षेत्र में तीन दिन की नवजात बच्ची को मां द्वारा ही 25 हजार रुपये में बेच देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला उजागर होने पर नवजात को बेचने वाली मां और दलाल दोनों फरार हो गए हैं। बच्ची को बरामद कर लिया गया है। वह थाना क्षेत्र के ही चिहुंटजोर गांव के पुझार टोला में एक परिवार के पास सुरक्षित है। इसी परिवार के गुड्डू पुझार और उसकी पत्नी फुलवतिया देवी ने साढ़े सात हजार रुपये अग्रिम राशि देकर बच्ची को खरीदा है। बाकी के 17 हजार 500 रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी।

25 हजार में तय हुई थी बात, साढ़े सात हजार का किया भुगतान

दोनों ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी को शादी के कई साल बाद भी बच्चा नहीं हुआ है। इसलिए 25 हजार रुपये में यह नवजात गांव के जियाउल अंसारी उर्फ नसीबा से खरीदा है। नवजात लड़की है। गुड्डू ने बताया कि अभी उसने साढ़े सात हजार रुपये ही दिया है। कागज पर लिखित करने के बाद बाकी रुपये देने की बात हुई है। गांव के जियाउल ने बताया कि उसकी पहचान की एक महिला महीने भर से उसके घर पर ठहरी थी। इसी दौरान उसने लड़की को जन्म दिया। उसे लड़की रखने की इच्छा नहीं थी, इसलिए उसने कुछ पैसे लेकर बच्ची को बेच दिया। उक्त महिला बांका जिले के सलैया गांव निवासी लड्डू दास की बेटी है। उसके पति की दो साल पहले दुर्घटना में मौत हो गई है। मामला उजागर होने के बाद से महिला लापता है। वह ना तो चिहुंटजोर में है और ना ही सलैया गांव में है।

सूचना देने पर ग्रामीणों पर बरसी सूईया थाने की पुलिस

गांव में इस तरह का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने नसीबा के घर पहुंचकर विरोध जताया तथा इसकी सूचना पुलिस को दी। लेकिन सूईया पुलिस उल्टे ग्रामीणों पर ही बरस पड़ी। ग्रामीणों से इसकी लिखित जानकारी मांगने लगी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। बताया जाता है कि इस इलाके में कई लोग इस तरह के काम में सक्रिय हैं। वार्ड पार्षद हारुण अंसारी ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी उन्होंने सूईया थाना को दी है। गांव में ऐसे तत्व को सक्रिय नहीं होने दिया जाएगा।

नवजात को बेचना और इसमें सहयोग करना दोनों कानूनन अपराध है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए, बच्ची को गोद भी नहीं लिया जा सकता। चाइल्ड लाइन की टीम नवजात को रिकवर करेगी। - मनोज कुमार स‍िंह, चाइल्ड लाइन

Edited By: Dilip Kumar Shukla