चिकित्सक को धरती का भगवान कहा जाता है लेकिन अब उनमें सेवा की भावना कम और अपनी कमाई की ज्यादा फिक्र है। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा मेडिकल अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के इंटर्न और आवासीय चिकित्सकों के लिए मरीज कमाई का जरिया बना गए हैं। तभी तो वे मरीजों से खुलेआम कहते हैं कि पहले खरीद कर दवा लाकर दिखाओ फिर अस्पताल से मिलेगी छुट्टी। अस्पताल के आब्स गायनी में खुलेआम मरीजों को महंगी दवाएं लिखी जा रही हैं। ऐसे में मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

अस्पताल अधीक्षक ने कई बार ऐसे चिकित्सकों और इंटर्न को नोटिस भेजा और संविदा विस्तार नहीं करने की भी चेतावनी दी, इसके बावजूद कमीशन के चक्कर में चिकित्सक दो हजार से लेकर तीन हजार रुपये की मल्टी विटामीन, प्रोटीन, आयरन आदि की दवाएं लिख रहे हैं। वहीं विभाग की वरीय महिला चिकित्सक जानते हुए भी अंजान बनी हुई हैं।

मल्टी विटामिन की दवा लिखी जा रही है

आब्स गायनी में नवगछिया की गुंजन देवी, शाहकुंड की अनीता देवी, पचरुखी की नूतन देवी को पर्ची देकर पर छह प्रकार की दवाएं लिखी गई। इंटर्न ने कहा कि पहले दवा लाकर दिखाओ फिर अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। गुंजन देवी के पति पुनीत झा ने कहा कि पैसा नहीं है इसलिए दवा नहीं खरीदी। लिखी गई दवाओं में प्रोटीन, आयरन और मल्टी विटामिन की गोलियां शामिल हैं। जबकि अस्पताल में उक्त दवाएं मिलती हैं।

मिलते हैं महंगे गिफ्ट

महंगे गिफ्ट और डिनर की वजह से इंटर्न दवा कंपनियों के एमआर के जाल में फंसकर महंगी दवाएं लिखते हैं। दवा दुकानों से भी कमीशन बंधा हुआ है। एमआर को अब अस्पताल में प्रवेश वर्जित हो गया है। अत: अब वे अस्पताल के बाहर दवा दुकान में बैठने लगे हैं।

इससे पूर्व भी लिखी जा रही थीं महंगी दवाएं

छह माह पूर्व भी इंटर्न द्वारा मरीजों को छुट्टी देने से पूर्व दवाएं खरीदवाते थे। दवा देखने के बाद ही छुट्टी दी जाती थी। अस्पताल अधीक्षक के कड़े रुख की वजह से कुछ माह तक यह सिलसिला थम गया था, लेकिन अब फिर से प्रारंभ हो गया है।

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कोट अस्पताल में दवाएं रहते हुए भी इंटर्न द्वारा दवाएं बाहर से खरीदवाने की जानकारी नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. आरसी मंडल, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच

Posted By: Jagran