भागलपुर। लॉकडाउन में लौटे प्रवासी श्रमिकों को रेशम बुनकर खादी ग्रामोद्योग संघ रोजगार दे रहा है। 105 टेलर मास्टर से मास्क तैयार कराया जा रहा है। ये लोग देश के विभिन्न राज्यों में कपड़ा कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन में बेरोजगार होने पर घर लौट गए थे।

संघ के सचिव अलीम अंसारी ने बताया कि ज्यादातर प्रवासी मुंबई, अहमदाबाद व हैदराबाद में दर्जी का काम करते थे। ये लोग दरियापुर, वारसलीगंज और नाथनगर के रहने वाले हैं। नाथनगर में सभी काम कर रहे हैं। अभी हर दिन पांच हजार मास्क तैयार किए जा रहे हैं। वारसलीगंज के तवरेज और नाथनगर के अलताफ ने बताया कि गांव लौटने पर वे लोग हताश थे। काम-धंधा सब छूट गया था। यहां काम मिलने से अब रोजी-रोटी की समस्या दूर हो गई है। अगर सब दिन के लिए यहां काम मिल जाए तो वे लोग हैदराबाद नहीं लौटेंगे। वहां वे लोग कोर्ट व सलवार सूट की सिलाई करते थे।

सचिव अलीम अंसारी ने कहा कि जिला प्रशासन ने मुखिया को खादी ग्रामोद्योग व जीविका से मास्क खरीदने का निर्देश दिया है, लेकिन मुखिया खादी ग्रामोद्योग से मास्क की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। पुराने कपड़े व सिंथेटिक कपड़ों से बने मास्क लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है। पंचायत स्तर पर मास्क की खरीद होगी तो प्रवासी श्रमिकों को रोजगार भी मिलेगा।

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