जागरण संवाददाता, भागलपुर : जीरो माइल स्थित रेशम भवन में बिहार औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड की ओर से आयोजित स्पन सिल्क मिल के कर्मचारियों के बकाये वेतन भुगतान को लेकर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे उद्योग मंत्री सैय्यद शाहनवाज हुसैन ने कई बड़ी घोषणाएं की। उद्योग मंत्री ने कहा कि नाथनगर स्थित राजकीय एसवाईएनए आयुर्वेदिक कॉलेज के जीर्णोद्धार के लिए मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा दिल दिखाया और खुशी हो रही है कि 100 करोड़ से ज्यादा की रकम से भागलपुर आयुर्वेदिक कॉलेज के जीर्णोद्धार को स्वीकृति दी गई है। 40.10 करोड़ की लागत से सीपेट (सेंट्रल इंस्टीच्यूट आफ प्लास्टिक एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलाजी) का वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर का भवन बनेगा। शीघ्र ही प्रशिक्षण केंद्र के भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।

वहीं, आठ करोड़ की लागत से आवास सह प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। जहां उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाएंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि भागलपुर में डायइंग हाउस का निर्माण कराया जाएगा। डायिंग हाउस के निर्माण पर तीन से चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अभी कपड़ों की डायइंग कराने के लिए बुनकरों को कोलकता जाना पड़ता है। भागलपुर में बुनकरों की सुविधा के लिए डिजाइन स्टूडियो तैयार हो चुका है, जिसका उद्घाटन भी जल्द किया जाएगा।

(बुनकरों को सौंपा बकाए का चेक)

उद्योग मंत्री ने कहा कि भागलपुर में बुनकरों को धागे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए यान बैंक भी खोले जाएंगे। बुनकरों के लिए हैंडलूम पार्क भी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत पूरे राज्य में 16000 नए उद्यमियों को दस-दस लाख रुपयों की सहायता के लिए चयनित किया गया है। जिसमें 426 लाभुक भागलपुर के हैं। मंत्री ने कहा कि भागलपुर की हर पहचान - कतरनी चुड़ा, रेशम, हथकरघा, मंजूषा शैली की पेंटिंग आदि के विकास के लिए मैं हरसंभव प्रयास कर रहा हूं।

  • - खगड़िया से पूर्णिया तक बनेगा फोरलेन
  • - 40 करोड़ की लागत से बनेगा सीपेट
  • - भागलपुर में बनेगा डायिंग सेंटर, खुलेगा यान बैंक
  • - 08 करोड़ की लागत से बनेगा आवास सह प्रशिक्षण केंद्र

उद्योग मंत्री ने कहा कि बीते दिनों मैं दिल्ली जा कर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इसके बाद खगड़िया से पूर्णिया तक फोरलेन बनाने को स्वीकृति दे दी गई। फोरलेन निर्माण को लेकर डीपीआर बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री ने स्पन सिल्क मिल के तीस कर्मचारियों के बीच सांकेतिक रूप से चेक का वितरण किया। मिल के 352 कर्मचारियों के बीच 15.60 करोड़ रुपये का वितरण आरटीजीएस के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में विधायक अजीत शर्मा, जिप अध्यक्ष अनंत कुमार उर्फ टुनटुन साह, जिप उपाध्यक्ष प्रणव कुमार उर्फ पप्पू यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय, नभय चौधरी, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संजय कुमार वर्मा आदि मौजूद थे।

एक नजर में स्पन सिल्क मिल

  • 1962 में बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड की इकाई के रूप में भागलपुर में बिहार स्पन सिल्क मिल की स्थापना हुई।
  • 1974 में स्पन सिल्क मिल में उत्पादन शुरू हुआ।
  • 15 एकड़ में स्पन सिल्क मिल संचालित होता था।
  • स्पन सिल्क मिल में तैयार धागे का निर्यात बंग्लादेश और यूरोप के कई देशों में हुआ करता था।
  • 1993 में स्पन सिल्क मिल में उत्पादन बंद हो गया।
  • 1997 से कर्मचारियों के वेतन एवं सेवांत का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
  • 1997 से मार्च 2005 तक कर्मचारियों का 42 करोड़ रुपये बकाया था।
  • रविवार को 15.6 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

Edited By: Shivam Bajpai