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भागलपुर [जेएनएन]। 30th July 2019 को जिले की कुछ महत्‍वपूर्ण खबरें।

रतन मंडल हत्याकांड
छठे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रोहित शंकर की अदालत ने मंगलवार को रतन मंडल हत्याकांड में पांच अभियुक्तों प्रयाग मंडल, प्रेम लाल मंडल, भदेश मंडल, मंटू मंडल और मूल्ही मंडल उर्फ नरेश मंडल को उम्रकैद दे दी है। न्यायालय में सेशन कोर्ट हाजत से कड़ी सुरक्षा में अभियुक्तों को 3.30 बजे पेश किया गया। उनके पीछे उनके परिवार की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सदस्य भी न्यायालय कक्ष तक पहुंचे थे। न्यायाधीश ने 3.35 में उन्हें अपना फैसला पढ़कर यह सुनाया कि उन्हें रतन मंडल की हत्या में उम्रकैद दी जाती है। 

भागलपुर में जाम
भागलपुर-हंसडीहा स्टेट हाईवे पर सोमवार को जाम की वजह से 15 घंटे तक आवागमन ठप रहा। लोग जाम से निकल भी नहीं पाया था कि मंगलवार को भी सुबह से जाम लग गया। सुबह पांच बजे से खीरीबांध, बैजानी, पुरैनी जगदीशपुर, संझा, तेरहमाइल सहित कई स्थानों पर जाम लग गया था। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक ट्रकों की लंबी कतार लग गई थी। देर शाम तक जाम की स्थिति जस की तस बनी रही। जाम में सोमवार को भागलपुर के नए कुलपति डॉ. विभाष चंद्र झा भी छह घंटे तक फंसे रहे। कुलपति को सुबह दस बजे प्रशासनिक भवन में योगदान करना था। लेकिन, भागलपुर आने के दौरान पुरैनी के पास जाम में उनकी गाड़ी फंस गई थी। किसी तरह वे तीन बजे प्रशासनिक भवन पहुंचे और योगदान दिया। मंगलवार को सुबह लगी जाम अब तक जारी है। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। बाइक सवार यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। जाम में बसें फंसी हैं। बस पर सवार यात्रियों का हाल बेहाल है। जाम को हटाने के लिए प्रशासनिक तैयारी की गई, लेकिन वाहनों की लंबी कतार के आगे कुछ नहीं चला। इस बीच रविवार और सोमवार को इस मार्ग पर चलने वाले कांवरियों को काफी परेशानी हुई।

सोनभद्र नरसंहार
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के उम्भा-सिपही गांव में 17 जुलाई को जिस जमीन पर कब्जे को लेकर नरसंहार हुआ, दस लोगों की जानें गई, वह जमीन भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड स्थित अमरपुर गांव निवासी आइएएस भानु प्रताप शर्मा की थी। उस जमीन को आदर्श सोसायटी ने बिहार कैडर के 1981 बैच के आइएएस शर्मा की पत्नी विनीता शर्मा के नाम किया था। 1989 में कई बड़े भूखंड तब हस्तांतरित किए गए थे। दरअसल जब उक्त जमीन को भानु प्रताप शर्मा ने ली थी तब स्थानीय लोगों ने जमीन की खरीदारी का पुरजोर विरोध किया था। उसके बाद उक्त भूखंड को दो साल पहले वहां के ग्राम प्रधान ने आइएएस से खरीद ली। जमीन खरीद को लेकर तब कई तरह के मोल-तोल की बात भी सामने आई थी। औने-पौने दाम पर ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने 90 बीघा जमीन खरीदी थी।

तिमांविवि में वीसी ने लिया प्रभार
लकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में डॉ. विभाष चंद्र झा ने नए कुलपति के रूप में योगदान दिया। वे टीएमबीयू के 61वें कुलपति हैं। झारखंड के गोड्डा जिले के मोतिया डुमरिया के रहने वाले डॉ. झा की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए पूर्णकालिक पद पर हुई है। उन्होंने प्रभारी कुलपति प्रो. लीला चंद साहा की जगह ली। कुलपति के प्रभार में चल रहे प्रतिकुलपति प्रो. रामयतन प्रसाद ने उन्हें पदभार ग्रहण कराया। योगदान के बाद कुलपति ने विश्वविद्यालय को गति देने और विकास के लिए प्राथमिकताएं गिनाईं। कहा कि छात्र-छात्राओं का सही तरीके से कॉलेजों में नामांकन हो। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सही हो, तभी उन्हें पठन-पाठन का लाभ मिल सकता है। छात्र मन लगाकर पढ़ाई करे, कॉलेजों में ऐसा माहौल बनाया जाएगा। कुलपति ने कहा कि समय पर पढ़ाई होगी, समय पर परीक्षा और परीक्षाफल का भी प्रकाशन होगा।

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Posted By: Dilip Shukla

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