भागलपुर [जेएनएन]। 23th September 2019 को जिले की कुछ महत्‍वपूर्ण खबरें।

मुंगेर में नक्‍सली गिरफ्तार

मुंगेर जिला पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में छापेमारी कर चार हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से हथियार और तस्करी की मूर्ति बरामद की गई है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को गिरफ्तार नक्सलियों की कई वर्षों से तलाश थी। गिरफ्तार नक्सली हाल के दिनों में काफी सक्रिय हो गए थे। इसी कारण जिला पुलिस ने एसटीएफ के मिलकर संयुक्त रूप से योजना बनाने के बाद नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है।

भागलपुर नगर निगम

शहर के विकास कार्यो को दिशा देने वाले अधिकांश पार्षद इन दिनों बहुमत की सियासत में जनसमस्या से दूर हो गए। शहर डेंगू के चपेट में है लेकिन इनकी पीड़ा सुनने वाले नेता नहीं है। देश की सीमा से बाहर नेपाल में दो दर्जन से अधिक पार्षदों की मौज-मस्ती चल रही है। सोशल साइट पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है। इस पर लोग अपना प्रतिक्रिया देने से भी नहीं चूक रहे हैं। शहर के ही सुरेंद्र सिंह ने लिखा है जिनके पास पैसे थे वो मजा मारने नेपाल चले गए। जनता तो गरीब है। मेयर और डिप्‍टी मेयर के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर विशेष बैठक होगी। 25 सितंबर को नगर निगम के सभागार में बहुमत साबित करने के लिए विशेष बैठक होगी। जानकारी के अनुसार इस बैठक में पार्षदों की उपस्थिति बहुमत से काफी कम रहेगी।

भागलपुर में पुलिस पर हमला

बबरगंज के कुतुबगंज पासी टोला में रविवार की देर रात शराबी को पकडऩे गई पुलिस पर स्थानीय शराब तस्करों ने हमला बोल दिया। इसमें बबरगंज चौकी के दारोगा सुरेंद्र चौधरी समेत अन्य सिपाहियों को चोटें आई हैं। आरोपितों ने सिपाहियों की राइफल छीनने का भी प्रयास किया। पुलिस ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इस मामले में बबरगंज पुलिस ने दारोगा के बयान पर 25 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। बबरगंज इंचार्ज पवन कुमार सिंह को सूचना मिली कि जमीन का कारोबार करने वाला रतन चौधरी शराब पीकर हंगामा कर रहा है। उन्होंने दारोगा सुरेंद्र को दलबल के साथ मौके पर भेजा। हंगामा करते हुए रतन को पुलिस ने नशे में गिरफ्तार कर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। यह देख उसके समर्थन में आसपास शराब का कारोबार करने वाले कई लोग पहुंच गए। वे लोग पुलिस पर रतन को छोडऩे का दबाव बनाने लगे। जब पुलिस ने उसे छोडऩे से इंकार किया तो कुछ लोग पुलिस गाड़ी को घेरकर खड़े हो गए।

Posted By: Dilip Shukla

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