संस, सहरसा। क्रय केंद्र की सुविधा नहीं रहने से दलालों के चंगुल में मुनाफा से वंचित हो रहे किसानों को इस समस्या से इस वर्ष से मुक्ति मिलेगी। गत वर्ष ही सरकार के निर्देश पर कोसी क्षेत्र में जीविका समूह ने क्रय केंद्र खोलने की पहल की थी, परंतु तबतक इलाके के किसानों का मक्का बिक चुका था। इस वर्ष भदई मक्का के उत्पादन के साथ ही जिला प्रशासन की निगरानी में जीविका समूह द्वारा क्रय केंद्र खोला जाएगा। साथ ही किसानों द्वारा दूरभाष पर दी गई सूचना के आधार पर किसानों के घर पहुंचकर निर्धारित दर पर मक्का खरीद की जाएगी। इस व्यवस्था को सु²ढ रखने के लिए सहरसा जीविका फार्मर्स प्रोड्यूसर कमेटी का भी गठन कर लिया गया।

बिचौलिया से मिलेगी मुक्ति, मिलेगा फसल का सही दाम

कोसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्का की खेती होती है। यहां से हर वर्ष कम- से- कम 50 रैक मक्का दूसरे प्रदेशों में भेजा जाता है। इस क्षेत्र का मक्का बंगलादेश और पाकिस्तान पर निर्यात होता है, परंतु इससे किसानों के बदले बिचौलिया, जमाखोर और दूसरे प्रदेश के व्यापारी मालामाल होते हैं। धान व गेहूं की तरह मक्का क्रय केंद्र की सुविधा नहीं है। क्रय केंद्र खुलने से किसानों को सहुलियत मिलेगी। अब किसानों की सूचना पर जीविका समूह के लोग किसानों के घर पहुंचकर सरकार द्वारा निर्धारित दर पर मक्का खरीदेगें, और उसके समतुल्य किसानों के खाते में समय पर राशि अंतरण किया जाएगा। इससे किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा।

हर वर्ष मक्का के बाजार दर का होगा निर्धारण

इस क्षेत्र में अबतक जमाखोरों व दलालों द्वारा निर्धारित मनमाना दर पर किसानों से एक हजार से 12 सौ रूपये प्रति ङ्क्षक्वटल मक्का की खरीद की जाती रही है। जीविका समूह ने कम्युनिटी ट्रेङ्क्षडग द्वारा गत वर्ष इसका 1470 रूपये ङ्क्षक्वटल दर निर्धारित किया गया था। आनेवाले समय में बाजार के आधार पर इसका उचित दर निर्धारित किया जाएगा। इस व्यवस्था से दलालों द्वारा प्रति ङ्क्षक्वटल पांच किलोग्राम अधिक मक्का वसूलने की प्रथा से भी छुट्टी मिलेगी। इससे किसान लाभांवित होंगे।

मक्का खरीदने के लिए जहां जगह- जगह क्रय केंद्र खोला जाएगा, वहीं खरीद के 48 घंटे के अंदर समतुल्य राशि किसानों के खाते में भेज दी जाएगी। इस योजना से किसानों को दलालों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी। -अमित कुमार, डीपीएम, जीविका, सहरसा।

 

Edited By: Abhishek Kumar