जागरण संवाददाता, मधेपुरा। आलमनगर पूर्वी, उत्तरी व दक्षिणी मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा तो दे दिया गया है। लेकिन स्थिति पंचायत से भी खराब हो गई है। जगह-जगह कचरे की ढेर व जलजमाव ने लोगों को परेशान कर दिया है। जबकि क्षेत्र में नवरात्रि को लेकर ग्रामीण क्षेत्र से लोग पहुंच रहे हैं। लेकिन नगर पंचायत के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां विकास कार्य पूरी तरह से बाधित है।

इससे नगर पंचायत के लोगों में आक्रोश पनप रहा है। आक्रोशित पंचायत समिति सदस्य राजकिशोर साह, भावेश यादव, सुधीर यादव, मोहन मंडल, अजय मंडल, राज कुमार मंडल, विद्यानंद साह, वीरेंद्र मंडल, सुशील मंडल, सुरेंद्र मुखिया, कुमकुम मुखिया, पूनम देवी आदि ने बताया कि नगर पंचायत कागजों पर चलाई जा रही है। नगर पंचायत में न तो जन्म प्रमाण पत्र बन रहा है न ही और कोई काम हो रहा है। साफ-सफाई की हालत तो सबसे खराब है।

गंदगी व जलजमाव के कारण क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। लेकिन नगर पंचायत के अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। स्थिति को देखते हुए राजकिशोर साह ने नगर पंचायत के कार्यपालक सहायक को मोबाइल से बात कर स्थिति से अवगत कराया। उसके बाद कार्यपालक सहायक प्रशांत कुमार ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सभी जगह साफ-सफाई करा दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि नगर पंचायत में अभी सिर्फ साफ-सफाई का रोजाना कार्य चल रहा है। विकास का कार्य अभी नहीं चल रहा है। जल्द ही कार्य प्रारंभ कर दी जाएगी। पंचायत प्रतिनिधि के द्वारा पंचायत में 65 सोलर लाइट लगाने की बात सामने आई है। मालूम हो कि इसी साल पंचायत को काटकर आलमनगर को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया है। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद लोगों को लगा था कि अब स्थिति में बदलाव होगा।

शहर साफ-सुफरा होगा। नाला बनेगा। जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने से लोगों का भ्रम दूर हो रहा है। बाजार वासियों ने बताया कि इससे तो पहले ही अच्छा था। कम से पंचायत के विकास राशि से तो काम होता था। नगर पंचायत सिर्फ नाम का है। काम कुछ भी नहीं हो रहा है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla