मुंगेर, जेएनएन। Coronavirus Munger News Update : जमालपुर के रेल कॉलोनी रामपुर में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की पुष्टि होने के बाद से कॉलोनी में रहने वाले रेल कर्मियों और उनके स्वजनों के बीच भय का माहौल है। हालांकि रेल एवं जिला प्रशासन नए पॉजिटिव मरीज के संपर्क चेन को तोडऩे में जुट गए हैं। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने 41 लोगों की सूची तैयार की गई। सभी लोगों की जांच और उन्हें क्वारंटाइन करने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है।

कोरोना पॉजिटिव पाए गए 62 वर्षीय सेवानिवृत्त रेलकर्मी का इलाज पटना में चल रहा है। पीएचसी प्रभारी डॉ. बलराम प्रसाद ने बताया कि जमालपुर रेल अस्पताल से पटना रेफर किए गए अवकाश प्राप्त रेलकर्मी की जब पटना में जांच कराई गई, तब उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। रेल अस्पताल से लेकर रामपुर कॉलोनी में उनके संपर्क में आए परिजन से लेकर डॉक्टर नर्स की सूची तैयार करने में स्वास्थ्य विभाग की टीम जुट गई। टीम द्वारा तैयार किए गए सूची में यह पता चला है कि कुल 41 लोग सेवानिवृत रेलकर्मी के संपर्क में आए हैं। हालांकि रेल अस्पताल प्रशासन ने जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम को दो डॉक्टर सहित 21 नर्सों की सूची तैयार कर जांच के लिए नामित किया है।

रेल कॉलोनी को किया जा रहा सैनिटाइज

रेल कॉलोनी रामपुर में रेल प्रशासन कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए कॉलोनी की साफ-सफाई से लेकर सैनिटाइज कराने का कार्य शुरू कर दिया। रेलवे के स्वास्थ्य निरीक्षक एक मंडल अपनी टीम के साथ कॉलोनी के पूर्वी छोर स्थित क्वाटर के आसपास साफ सफाई कराने के बाद सैनिटाइज भी करवाया। सीएमएस निर्देश पर रामपुर कॉलोनी में विशेष रूप से साफ सफाई कार्य को डेली रूटीन के तहत करवाया जाएगा।

कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए पूरे देश में 68 दिनों तक लॉकडाउन लगा रहा। लॉकडाउन के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, लॉकडाउन का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि आम लोग भी टेक्नोसेवी (तकनीक प्रेमी) हो गए। सोशल मीडिया से दूर रहने वाले लोगों ने भी इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। लॉकडाउन में सरकारी कार्यालय बंद थे। जनता दरबार भी स्थगित हो गए। ऐसे में लोगों ने अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया को अपना आधार बना लिया। डीआइजी के जन शिकायत कोषांग में लॉकडाउन के दौरान वाट््सएप पर आठ सौ शिकायत आई। जबकि, मेल पर दो सौ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। किसी ने लॉकडाउन के दौरान अपने परिवार के किसी जरूरतमंद की मदद की गुहार लगाई, तो किसी ने अपने द्वारा दर्ज मुकदमा में स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर। डीआइजी के निर्देश पर सभी मामलों में कार्रवाई हुई।