बांका [जेएनएन]। राज्य सरकार भू सर्वेक्षण कराने जा रही है। तैयारी पूरी है। लेकिन, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामनारायण मंडल का गृह जिला बांका जमाबंदी के मोर्चे पर पिछड़ा हुआ है। जिले में साढ़े आठ लाख से अधिक जमाबंदी है। इनमें चार लाख 355 जमाबंदी में लगान का ब्योरा गायब है। ऐसी हालत में इस जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती है। बांका जिले की एक लाख 41 हजार जमाबंदी में खाता संख्या का जिक्र नहीं है। यानी कागजात के लिहाज से इन जमाबंदियों को भी पूर्ण नहीं माना जा सकता है।

संख्या के लिहाज से देखें तो कई अन्य जिलों में इस श्रेणी की जमाबंदियों की संख्या अधिक है। ये बड़े जिले हैं। जैसे भागलपुर में इस श्रेणी की जमाबंदी चार लाख 21 हजार से अधिक है। भागलपुर में कुल जमाबंदी 10 लाख 64 हजार है। जमाबंदी की संख्या को देखें तो बांका भागलपुर से पीछे चल रहा है। इस मोर्चे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा की हालत बेहतर है। जिले में छह लाख 91 हजार में से सिर्फ एक लाख 81 हजार जमाबंदी में लगान का कागज नहीं हैं। बिना खाते की जमाबंदियों की संख्या भी कम है। सिर्फ 45 हजार। लगान के साथ पूर्ण जमाबंदी की संख्या पांच लाख 30 हजार से अधिक है। सितम्बर 2019 का लेखा जोखा बता रहा है कि नालंदा के राजस्व कर्मचारी भी पूरी मुस्तैदी से काम करते हैं। 24 सितम्बर से एक अक्टूबर के बीच नालंदा के राजस्व कर्मचारियों ने 11457 लगान अपडेट किया। जबकि इसी अवधि में कई अंचलों में इस मद में कोई काम नहीं हुआ।

 

Posted By: Dilip Shukla

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