भागलपुर में कोसी फोरलेन पुल की कवायद तेज, ट्रैफिक सर्वे के लिए टेंडर जारी
विजय घाट के पास कोसी नदी पर प्रस्तावित फोरलेन पुल परियोजना के लिए यातायात सर्वेक्षण की निविदा जारी हुई है। ...और पढ़ें

विजय घाट फोरलेन पुल के लिए होगा ट्रैफिक सर्वे, तीन सितंबर को खुलेगी निविदा (AI Generated Image)
HighLights
विजय घाट फोरलेन पुल परियोजना का यातायात सर्वेक्षण शुरू होगा।
पुल निर्माण विभाग ने सर्वेक्षण के लिए निविदा जारी की।
सर्वे से भविष्य की यातायात और टोल व्यवस्था तय होगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विजय घाट के पास कोसी नदी पर प्रस्तावित फोरलेन पुल परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। परियोजना के लिए पुल निर्माण विभाग ने यातायात सर्वेक्षण कराने को निविदा जारी की है। तीन सितंबर को कोटेशन खोला जाएगा।
इसके बाद चयनित एजेंसी के माध्यम से यातायात सर्वे कराया जाएगा। सर्वे का उद्देश्य पुल और इससे जुड़ी सड़कों पर वर्तमान यातायात दबाव का सटीक आकलन करना है। इसके आंकड़ों के आधार पर संभावित टोल प्लाजा समेत भविष्य की यातायात व्यवस्था की योजना तैयार की जाएगी।
प्रस्तावित परियोजना में 1,840 मीटर लंबा फोरलेन पुल शामिल है। इसके अलावा दोनों ओर पहुंच पथ, गाइड बांध तथा एक रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का भी निर्माण प्रस्तावित है। पुल निर्माण विभाग सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर वाहनों के दबाव और आवाजाही का विस्तृत विश्लेषण करेगा।
सात दिनों तक होगी वाहनों की गणना
सर्वेक्षण के दौरान चयनित राज्य राजमार्गों पर लगातार सात दिनों तक 24 घंटे वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। इसके माध्यम से सड़क से गुजरने वाले वाहनों की संख्या और उनके प्रकार का आंकड़ा जुटाया जाएगा।
अच्छी गुणवत्ता वाली वीडियोग्राफी के बाद इमेज प्रोसेसिंग तकनीक से वाहनों की विभिन्न श्रेणियों की पहचान और वर्गीकरण किया जाएगा। इससे यातायात का अधिक सटीक डाटा तैयार हो सकेगा।
एक दिन होगा मूल-गंतव्य सर्वे
सात दिवसीय वीडियो सर्वे के साथ एक दिन का ओरिजिन-डेस्टिनेशन यानी मूल-गंतव्य सर्वे भी कराया जाएगा। इससे यह जानकारी जुटाई जाएगी कि वाहन किस स्थान से आ रहे हैं और उनका गंतव्य कहां है। इससे पुल पर संभावित यातायात दबाव का आकलन करने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सर्वे से मिलने वाले आंकड़े परियोजना की आगे की योजना में महत्वपूर्ण होंगे। वाहनों की संख्या, श्रेणी और आवागमन के रूट की जानकारी मिलने के बाद पुल एवं पहुंच पथ की यातायात क्षमता तथा संभावित टोल व्यवस्था को लेकर बेहतर निर्णय लिया जा सकेगा।
