शैलेश, किशनगंज : अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्र से सटे होने के कारण किशनगंज जिला में मादक पदार्थ की तस्करी और युवाओं में सेवन का प्रचलन लगातार बढ़ते जा रहा है। यहां तक कि जिला बिहार के अन्य जिलों में भी स्मैक, गांजा जैसे मादक पदार्थ तस्करी का एक सुगम मार्ग बना हुआ है। जिले के रास्ते से बिहार में मादक पदार्थ तस्करी से इंकार नहीं किया जा सकता है।

कई बार पुलिस कार्रवाई में मादक पदार्थ के साथ कुछ लोग पकड़े जाते हैं लेकिन पुलिस की जांच पूरी नहीं होने के कारण तस्करी और युवाओं द्वारा सेवन का कार्य लगातार जारी रहता है। एनडीपीएस एक्ट मामले में पुलिस जब तक गंभीर नहीं होगी तब तक क्षेत्र के युवाओं की तकदीर नहीं बदल सकेगी। अक्सर नए उम्र के युवक स्मैक, गांजा के सेवन के साथ तस्करी के धंधा में लिप्त हो जाते हैं, जो अन्य जगहों से स्मैक मंगाकर तस्करी के साथ युवाओं को स्मैक सेवन का लत भी लगाता है।

एनडीपीएस मामले में पुलिस आंकडे पर गौर करें तो पिछले साल जिला में एनडीपीएस एक्ट के 30 मामले विभिन्न थाने में दर्ज किए गए। इसमें स्मैक की पुरिया, गांजा की खेप सहित प्रतिबंधित कफ सीरप और नशीली दवा या अन्य मादक पदार्थ पुलिस ने जब्त कर मामला दर्ज करने के बाद पकड़े गए लोगों को जेल भेजा। वहीं मामले में पुलिस यह जांच पूरी नहीं कर पाई कि आखिर ऐसे मादक पदार्थ का सप्लायर कौन है और स्थानीय स्तर पर इसके प्राप्तकर्ता कौन हैं। पर्दे के पीछे बैठे ऐसे लोगों को पुलिस खोजकर बाहर निकालना नहीं चाही जिसका कारण है कि क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी और सेवन का प्रचलन लगातार जारी है। युवा वर्ग इसके दलदल में फंसते जा रहे हैं जिसकी जवानी नशा सेवन और तस्करी में ढ़ल जाता है।

चार स्मैक कारोबारी चढ़े पुलिस के हत्थे::

बुधवार की रात चार स्मैक कारोबारी को 15 ग्राम स्मैक के साथ पकड़े जाने की पुलिस की हर कोई तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को ऐसे तस्करों के साथ-साथ मुख्य सप्लायर पर कार्रवाई की भी जरूरत है ताकि जिला के युवा ऐसे नशे के दलदल से बाहर निकल सके और जिला नशामुक्ति की राह पर आगे बढ़े।

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वर्ष 2021 में जिला में एनडीपीएस के दर्ज मामले::माह मामला

जनवरी 0

फरवरी 01

मार्च 05

अप्रैल 03

मई 08

जून 01

जुलाई 06

अगस्त 04

सितंबर 02

अक्टूबर 0

नवंबर 01

दिसंबर 01

------- कोट:-

एनडीपीएस या किसी भी मामले में कार्रवाई होने के बाद उसकी जांच गहनता से की जाएगी। जांच में लापरवाही करने वाले जांचकर्ता पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों को मैं स्वयं देख रहा हूं और कार्रवाई संबंधित निर्देश दे रहा हूं।

डा. इनामुल हक मेगनू, एसपी किशनगंज

Edited By: Jagran