आनलाइन डेस्क, भागलपुर। Katihar Mayor Murder: कटिहार मेयर शिवराज पासवान की हत्या की खबर मात्र से कटिहार शहर में खौफ का साया गहरा गया है। इस वर्ष मार्च माह में मेयर पद पर आसीन होकर शिवराज पासवान न केवल सियासी हलकों में सूर्खियों में आ गए थे, बल्कि इस सफलता से पूरे शहर को भी चौका दिया था। इससे पूर्व तक महज एक वार्ड आयुक्त की हैसियत रखने वाले शिवराज पासवान के इस पद पर आसीन होने की कल्पना तक लोगों ने नहीं की थी, लेकिन सियासी दाव-पेंच में अपना मोहरा फिट करने में सफल रहे शिवराज ने कई दिग्गजों को हैरत में डाल इस कुर्सी पर आसीन हो गए थे। फिलहाल गत पांच साल के दौरान शहर की इस सबसे बड़ी वारदात ने व्यापार नगरी के रुप में पहचाने रखने वाले कटिहार को झकझोर कर रख दिया है।

जिले के हर बड़े सियासी हस्तियों के थे करीबी

निवर्तमान मेयर शिवराज पासवान सूबे के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, बरारी विधायक विजय सिंह सहित कई अन्य सियासी हस्तियों के भी करीबी थे। यही कारण था कि मेयर के उप चुनाव में सहजता के साथ उन्होंने अपना मुकाम हासिल कर लिया था। यद्यपि यह कार्यकाल महज चंद माह का ही था। 24 मार्च को वे इस पद पर आसीन हुए थे और 26 जून को निगम बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो गया था।

हत्या के कारणों को सुलझाना होगी चुनौती

फिलहाल निवर्तमान मेयर की हत्या किन कारणों से हुई और इसमें किन लोगों की संलिप्तता रही है, इस कड़ी को सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। राजनीति में एक बड़ा मुकाम हासिल करने के चलते सियासी हत्या की आशंका भी व्यक्त किया जाना लाजिमी है। इसके अलावा जमीन संबंधी कारोबार से गहरा जुड़ाव भी उनकी हत्या का एक बड़ा कारण बन सकता है। इसके अलावा पैसे का लेन-देन भी एक कारण हो सकता है।

मेडिकल कालेज में उमड़ी भीड़, देर रात तक चलती रही छापेमारी

इधर घटना की सूचना के बाद ही मेडिकल कालेज में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की भीड़ भी वहां लगी रही। इधर कई थानों की पुलिस के साथ वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इधर हत्या के बाद से ही पुलिस की कई टीम हत्यारों की शिनाख्त व छापेमारी में जुटी रही। यद्यपि समाचार प्रेषण तक पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लग पाई थी।

स्वजनों के कारुणिक क्रंदन से हर आंखें थी नम

घटना की सूचना के बाद अस्पताल में स्वजनों की भीड़ भी जमा हो गई। स्वजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। स्वजनों के कारुणिक क्रंदन से हर आंखें नम थी।

Edited By: Dilip Kumar Shukla