कटिहार, जेएनएन। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन 25 अप्रैल या आठ मई को होना लगभग तय है। चार अप्रैल को होने वाली ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक में इन दोनों तिथियों में से एक पर मुहर लग जाएगी। इस ऐतिहासिक भूमि पूजन में देश के कोने-कोने से साधु-संतों का जुटान होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसके साक्षी बनेंगे।

रामनवमी को लेकर बढ़ी तिथि : उन्होंने बताया कि पहले दो अप्रैल को भूमि पूजन संभावित था, लेकिन रामनवमी को लेकर जुटने वाली भीड़ को लेकर तिथि बढ़ाने पर सहमति बनी है। राम मंदिर की पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना, देश के लिए संस्कृति व धर्म की जीत है। लंबे संघर्ष व बलिदान के प्रतिफल में यह अवसर आया है। जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण पूर्ण हो, इसके लिए ट्रस्ट कटिबद्ध है।

पीएम के समक्ष उठाएंगे मैला आंचल में मूर्ति विहीन हो रहे मंदिरों का मसला : कामेश्वर चौपाल ने जागरण से खास बातचीत में कहा कि कोसी-सीमांचल के इलाके में एक साजिश के तहत प्रसिद्ध मंदिरों से मूर्तियों की चोरी हो रही है। उन्होंने यह भी माना कि गत ढाई दशक में इस कारण कोसी व सीमांचल के 50 से अधिक मंदिर अस्तित्वविहीन हो चुके हैं। यह मसला वह प्रधानमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने इसे लेकर लोगों से भी जागरूक होने की अपील की।

मंदिर निर्माण को लेकर गांव-गांव पहुंचेगी विहिप

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल के साथ पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री केशव राजू ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश के लिए उत्सव का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिला पूजन के दौरान चार लाख गांवों में विहिप कार्यकर्ता पहुंचे थे। आठ करोड़ परिवारों से एक रुपये पचीस पैसे की दर से सहयोग राशि प्राप्त हुई थी। अब मंदिर निर्माण को लेकर पूरे देश में छह लाख गांवों में विहिप के कार्यकर्ता पहुंचेंगे। बिहार में लगभग 11 हजार गांवों में जाने का लक्ष्य है। इसको लेकर 18 मार्च से दिल्ली में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

Posted By: Dilip Shukla

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