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JLNMCH का लैब टेक्नीशियन निकला खून का दलाल, अब विभाग लेगा एक्शन

Published: Sun, 05 Jul 2026 05:20 AM (IST)

भागलपुर के जेएलएनएमसीएच में एक लैब टेक्नीशियन खून का दलाल निकला, जिसके अन्य दलालों से मिलीभगत के सबूत सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हैं।

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल। (जागरण)

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल। (जागरण)

HighLights

  1. लैब टेक्नीशियन विश्वजीत कुमार खून का दलाल निकला।

  2. सीसीटीवी फुटेज में दलालों से मिलीभगत के सबूत मिले।

  3. नशे में धुत व्यक्ति से रक्त लेने पर कार्रवाई की अनुशंसा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) का एक लैब टेक्नीशियन खून का दलाल निकला।

अन्य दलालों से इसके मिलीभगत का मामला ब्लड बैंक के सीसीटीवी में कैद हो गया है। फुटेज की जांच के बाद प्रभारी डॉ. अजय प्रताप ने अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की है।

अधिकारियों के अनुसार, पहली बार किसी लैब टेक्नीशियन के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में पेश किया गया है।

ब्लड बैंक प्रभारी के अनुसार, चार दिन पहले एक युवक रक्तदान के लिए ब्लड बैंक पहुंचा था। सीसीटीवी फुटेज में वह कम उम्र का और नशे की हालत में प्रतीत हो रहा है।

आरोप है कि लैब टेक्नीशियन विश्वजीत कुमार ने उसकी जांच की, आधार कार्ड लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी कराई और उसके बाद उससे रक्त लिया गया।

शनिवार को फुटेज की जांच के बाद डॉ. अजय प्रताप ने पूरे मामले की रिपोर्ट अस्पताल अधीक्षक को भेजी। उन्होंने कहा कि युवक की हालत देखकर वह नशे में प्रतीत हो रहा है। ऐसे व्यक्ति और कम उम्र के युवक से रक्त लेना गंभीर बात है। इसलिए संबंधित लैब टेक्नीशियन के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

नशे की हालत में लिया गया रक्त हो सकता है खतरनाक

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार ने बताया कि यदि किसी नशे में व्यक्ति का रक्त दूसरे मरीज को चढ़ा दिया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि शरीर का लीवर तत्काल नशीले पदार्थों को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाता। ऐसे में रक्त में नशीले तत्व मौजूद रहने की आशंका रहती है, जो दूसरे मरीज के शरीर में पहुंच सकते हैं। उनके अनुसार, यदि ऐसा रक्त किसी मरीज को चढ़ाया गया है तो उसकी विशेष निगरानी की जानी चाहिए।

पांच से आठ हजार रुपये तक में होता है रक्त का सौदा

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दलाल रक्त की जरूरत वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क कर एक यूनिट रक्त के बदले पांच से आठ हजार रुपये तक वसूलते हैं।

सौदा अस्पताल के बाहर तय किया जाता है और इसके बाद संबंधित व्यक्ति को रक्तदान के लिए ब्लड बैंक भेजा जाता है। मामले की जांच जारी है।

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