भागलपुर। ज्यादा उम्र में शादी करने से महिलाओं में बांझपन होने की संभावना बढ़ जाती है। 30 वर्ष में शादी करने से महिलाएं बांझपन की शिकार होती हैं। अत: शादी समय पर करनी चाहिए। रविवार को स्थानीय एक होटल में फेडरेशन ऑफ ऑब्स एंड गायनी सोसायटी भागलपुर शाखा (फॉक्साइ) द्वारा आयोजित कार्यशाला में फॉक्साइ की सचिव डॉ. इमराना रहमान ने कहा।

उन्होंने कहा कि 30 से ज्यादा उम्र में शादी करने से महिलाओं में अंडे नहीं बनते। इससे महिलाएं बांझपन की शिकार हो जाती हैं। तकरीबन 60 फीसद महिलाएं बांझपन की शिकार हो जाती हैं। 20 से 25 वर्ष की उम्र में महिलाओं को शादी कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बांझपन का इलाज संभव है। डॉ. अनुपमा सिन्हा ने कहा कि सफाई नहीं होने से पेशाब के रास्ते में संक्रमण हो जाता है। उन्होंने कहा कि बाथरुम की सफाई भी अच्छी तरह रखनी चाहिए। साथ ही भीतरी अंगों की सफाई रखनी आवश्यक है। संक्रमण होने से पेशाब ज्यादा और कई बार होने लगता है। इकोलाय से ग्रसित होने की संभावना बढ़ जाती है। इस अवसर पर संघ की अध्यक्ष डॉ. अल्पना मित्रा, डॉ. किरण सिंह, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ. रोमा यादव, डॉ. वसुंधरा लाल, डॉ. अर्चना झा सहित कई चिकित्सक उपस्थित थीं।

By Jagran