जागरण संवाददाता, जमुई। जिला पदाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में गुरुवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने कोरोना संक्रमितों समेत अन्य जरूरतमंद रोगियों की "सांस " के लिए जमुई सदर अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किये जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार के स्तर से इस आशय की स्वीकृति दिये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि "पार्थ" नामक संस्था को इस प्लांट के निर्माण की जिम्मेवारी दी गई है।

उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित जमुई सदर अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की स्थापना किये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इसका निर्माण कार्य 08 × 08 मीटर भूखंड पर किया जाना है। डीएम ने इसके लिए सदर अस्पताल में स्थल का चयन कर लिए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होगा।

जिला पदाधिकारी ने करीब 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस जीवनदायिनी प्लांट को परिभाषित करते हुए कहा कि यह यंत्र प्रति मिनट 1000 लीटर प्राणवायु उगलेगा। उन्होंने इसे जमुई के लिए सजीवन बूटी की संज्ञा देते हुए कहा कि इसके चालू हो जाने के बाद बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को जीवनदान मिल सकेगा।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने बिहार समेत देशभर में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पीएम केयर्स फंड से 551 जिला मुख्यालय स्थित अस्पतालों में ऑक्सिजन जेनरेशन प्लांट लगाने का फैसला किया है। इस निर्णय के आलोक में बिहार के पटना, बेगूसरा , भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, कटिहार, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पूर्णिया, सहरसा, वैशाली और पश्चिम चंपारण कुल 15 जिलों का चयन किया गया। जमुई जिला का नाम चयनित सूची में शामिल नहीं था।

सांसद चिराग पासवान ने ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के लिए चयनित जिलों की सूची में जमुई का नाम शामिल नहीं रहने पर इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने आनन-फानन में उचित माध्यम के जरिये पत्राचार के साथ निजी स्तर पर भी संवाद स्थापित किया। उनके प्रयास के  बाद सरकारी महकमा ने जमुई जिला के लिए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की जरूरत को जायज ठहराते हुए सम्बंधित प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी है।