भागलपुर, जेएनएन। लॉकडाउन की स्थिति में हर किसी की शरीरिक गतिविधियां कम हो गई है। ऐसे में हमें घर में उपलब्ध संसाधनों से रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना बढ़ा लेने की जरूरत है ताकि रोगाणु शरीर में पहुंच कर भी नुकसान नहीं कर पाएं। डॉक्टर की शरण में भी नहीं जाने की जरूरत हो। अगर लापरवाही बरते तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाएगी। फिर आप बीमार पडऩे लगेंगे। अक्सर खानपान की लापरवाही की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। अब सवाल ये उठता है कि अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए आप क्या उपाय करेंगे।

इन्हें अजमाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं

1. सुबह-सुबह चाय की जगह तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और गुड़ को उबाल ले। उतरने वक्त उसमें हल्दी की थोड़ी मात्रा डालकर ढक दें। दो-चार मिनट बाद उसे छान कर चाय की तरह सेवन करें।

2. कच्चा लहसुन खाना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं। इसे तेल में भुनने के बजाय दाल में 10 जावा डाल दें। भुनने से इसका पोषण समाप्त हो जाता है।

3. दही के सेवन से भी इम्यून पावर बढ़ती है। इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है। हमेशा ताजा दही का उपयोग करें।

4. संक्रमण रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। नींबू विटामीन सी का सबसे अच्छा स्त्रोत है। यह सीधे तौर पर इम्यूनिटी को बढ़ाता है। खांसी-सर्दी को रोकने में भी मददगार होता है। घर में रखे हुए पीने वाले पानी में भी नींबू के छोटे-छोटे टुकड़े एवं तुलसी का पत्ते डालकर रखे और उसी पानी का सेवन करें। इस पानी के सेवन से एंटी आक्सीडेंट की मात्रा बढ़ेगी।

5. फ्रिज में रखे समान को खाने से परहेज करें। हरी सब्जियां एवं मौसमी फल का सेवन भी शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएगा।

6. बहरहाल जो पूर्व से रोगगस्त हैं, वे डॉक्टर की सलाह का शत प्रतिशत पालन करें।

7. सर्दी खांसी से बचे। उसका ईलाज घरेलू तरीके से करें। दूध के साथ हल्दी का सेवन करें। तुलसी का चाय पीएं। पानी का भाप लें। गर्म पानी में नमक डाल कर गारगिल करें।

8. बूढ़े और बच्चों का खास ख्याल रखे। ऐसे लोग अपनी बीमारियों को बताने से कतराते हैं। इन लोगों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।

9. सादा और सूपाच्य भोजन करें। क्योंकि लॉकडाउन की स्थिति में हर किसी की शरीरिक गतिविधियां कम हो गई है। उन्हें घर में स्थिर रहना पड़ रहा है। ऐसे में तेलीय भोजन आपको बीमार पड़ा सकता है।

Posted By: Dilip Shukla

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