जागरण संवाददाता, कटिहार। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों को शहर में खड़ी करने के लिए स्थायी जगह नहीं है, जिसके कारण निगम की बसों का परिचालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। फिलहाल निगम के पूर्णिया डिपो से एक मात्र बस पूर्णिया-कटिहार मार्ग पर चल रही है। जबकि इस मार्ग के लिए लगभग एक दर्जन बसों का परमिट बना था। लेकिन स्थायी बस स्टैंड नहीं मिलने के कारण बसों की संख्या दिनानुदिन घटती चली गई।

बताया जाता है कि निगम की बसों के परिचालन में कई बार निजी बस ऑपरेटरों की ओर से भी बाधा खड़ी की जाती रही, कई बार नौबत मारपीट और केस-मुकदमा तक भी आ पहुंची। इसके बाद निगम के पूर्णिया क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से पूर्णिया-कटिहार मार्ग की कई बसों का परमिट पथ परिवहन निगम को वापस कर दिया गया। इसमें प्रशासन की ओर से भी निगम के कर्मियों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। जिसके कारण इस मार्ग पर चलने वाली गाड़ी बंद होती चली गई।

कटिहार-पूर्णिया मार्ग पर निजी बसों का दबदवा

कटिहार-पूर्णिया मार्ग पर शुरू से ही निजी बस ऑपरेटरों का दबदवा रहा है। यात्रियों के हिसाब से महफूज इस मार्ग पर वे नहीं चाहते हैं कि निगम की बसें चले। चूंकि निगम की बसों का भाडा भी उनसे कम होता है और लोगों को सुविधा भी बेहतर मिलती है। ऐसे में यात्री निगम की बसों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। मार्च में यहां से पटना के लिए भाया पूर्णिया निगम की बस चली थी। जिसका परिचानल अप्रैल तक हुआ, लॉकडाउन के बाद वह बस सेवा भी बंद है। यह बस निगम के पटना डिपो की है।

निगम की बसों के लिए पड़ाव संबंधी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। इस पर जल्द ही एक बैठक कर स्थायी जगह चिह्नित की जाएगी। -उदयन मिश्रा, जिलाधिकारी, कटिहार

परिवहन निगम की पूर्णिया-कटिहार मार्ग पर चलने वाली बसों को स्टैंड की जगह लाइब्रेरी के पास जिला प्रशासन की ओर से आवंटित की गई थी। लेकिन बस वहां लगाने से पुलिस रोकती है। फिलहाल इस मार्ग पर निगम की एक मात्र बस चल रही है जो रेलवे स्टेशन पर पार्किंग का पैसा देकर खड़ी की जाती है। -नरेश झा, क्षेत्रीय प्रबंधक, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम, क्षेत्रीय कार्यालय पूर्णिया

 

Edited By: Abhishek Kumar