भागलपुर। मानस सद्भावना समिति द्वारा मारवाड़ी पाठशाला में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा के चौथे दिन कड़ाके की ठंड के बावजूद भी श्रोताओं की अच्छी खासी भीड़ जुट रही है। प्रवचन के दौरान पं. रघुनंदन ठाकुर ने कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है। मनुष्य को तमाम सजीव प्राणियों के साथ सदैव मानवीय व्यवहार करना चाहिए। सनातन धर्म में दान की बड़ी महत्ता है। महर्षि दधिचि ने लोक कल्याण के लिए अपनी अस्थियां तक दान में दे दी थी। दान ध्यान से धन और मन की शुद्धी होती है। अन्न दान को सर्वोतम दान कहा जाता है, क्योंकि अन्न में प्राण बसते हैं।

उन्होंने कहा श्रीराम ने अदभूत संगठन शक्ति का परिचय देकर वानरों की सेना बनाई थी। रामायण एक ऐसा विलक्षण ग्रंथ है जो एक दूसरे को जोड़ने और भाईचारा का पाठ पढ़ाता है। इस धर्म ग्रंथ का स्मरण कर जीने की कला से परिचित हो सकते हैं। मीडिया प्रभारी महेश राय ने कहा कि शुक्रवार की सुबह सुंदर कांड का सामूहिक पाठ होगा। ये लोग थे उपस्थित

इस दौरान अध्यक्ष मृत्युंजय प्रसाद सिंह, सचिव विनोद कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष अमरेंद्र सिन्हा, संयुक्त सचिव रणधीर सिंह, संदीप सिंह, प्रवक्ता रोशन सिंह, प्रणव दास, मु. शाइन अनवर, संयोजक हरिकिशोर सिंह कर्ण, रत्‍‌नाकर झा, अशोक पोद्दार, अरुण शुक्ल, सुष्मिता दुबे, सौरव मिश्रा सहित अन्य उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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