भागलपुर। यह कैसी व्यवस्था। मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में अधीक्षक के साथ पूरी अस्पताल की टीम पांच घंटे तक घूम-घूमकर वार्ड और विभाग का जायजा लेती रही पर, दर्द से कराह रहे विपिन पर किसी की नजर नहीं गई। मरीज पेट में जोरों की दर्द से कराहता रहा है, लेकिन चिकित्सक वार्ड में भर्ती करने की बजाय उसे जमीन पर लिटा दिया। हद तो तब हो गई जब उसे स्लाइन चढ़ाने के लिए स्टैंड भी नहीं मिला। गलियारे के दीवार में टंगी अग्निशमन यंत्र में स्लाइन को टांग दिया गया।

इस अस्पताल में गंभीर मरीजों का इलाज किस तरह होता है, मंगलवार को एक बार फिर देखने को मिला। घोघा निवासी विपिन को परिजन पेट दर्द की शिकायत पर परिजन उसे इलाज के लिए लेकर जेएलएनएमसीएच पहुंचे। इमरजेंसी में लाख मिन्नतें के बाद उसका इलाज हुआ। इसके बाद ब्लड बैंक के पास गलियारे में लिटा दिया गया। परिजन लाख गुहार लगाते रहे लेकिन बेड खाली नहीं होने का हवाला देकर सभी ने उसकी गुहार को अनसुना कर दिया।

दरअसल, अस्पताल में तीन सदस्यीय टीम निरीक्षण करने पहुंची थी। इस कारण इमरजेंसी और गलियारे को पूरी तरह खाली करा दिया गया था। इस बीच करीब साढ़े बारह बजे घोघा से विपिन नामक मरीज को इलाज कराने के लिए परिजन लेकर पहुंचे। इलाज के बाद उसे इमरजेंसी के बाहर गलियारे में भेजकर ब्लड बैंक के पास भेज दिया। इस गलियारे होकर टीम को नहीं गुजरना था।

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