भागलपुर [रजनीश]। मालदा मंडल का पुराना हेरिटेज स्टेशन राजमहल का लुक पूरी तरह बदल गया है। महज 15 दिनों इस स्टेशन का प्लेटफॉर्म से लेकर बाहरी लुक अलग दिखने लगा है। रेल यात्री और वहां के लोग भी इस साज-सज्जा को देखकर आश्चर्यचकित हैं। लुक बदलने के बाद इसका लोकार्पण प्रभारी डीआरएम पीके मिश्रा ने किया। प्रभारी डीआरएम के अथक प्रयास से ही इसकी दीवारों पर साज-सज्जा जड़ जाने के बाद स्टेशन बिल्कुल अलग हो गया है। दीवारों पर लाल पेंट खूबसूरती बढ़ा रही है। डीआरएम ने कहा कि मंडल के सभी पुराने हेरिटेज स्टेशनों के लुक इसी तरह बदले जाएंगे।

पर्यटन दृष्टिकोण से बढ़ावा, देखने पहुंचेंगे पर्यटक

पर्यटन के क्षेत्र में राजमहल और अधिक विकसित करने के लिए राहगीर और रेल यात्रियों को राजमहल की ऐतिहासिक महत्व बताने के लिए स्टेशन परिसर को पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तैयार किया गया है। ऐतिहासिक स्थलों से संबंधित दीवार पेंटिंग, रूट चार्ट विवरणी, प्रदर्शनी लगाई गई है।

1860 में अंग्रेजों ने बनाया था

डीआरएम ने कहा कि राजमहल स्टेशन का अस्तित्व 1860 में आया था। 1860 से राजमहल से हावड़ा के लिए पहली ट्रेन चली। रेलवे राजमहल स्टेशन को उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए हेरिटेज स्टेशन बनाने का निर्णय लिया है।

डीआरएम ने लोगों से कहा कि रेलवे की बेकार पड़ी भूमि को किसी प्रयोग में लाना चाहते है तो सोसाइटी बनाएं तथा उसके माध्यम से रेल प्रबंधन को आवेदन दें तो उसपर विचार किया जाएगा।

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