सहरसा। सरकारी अस्पतालों में दवा आपूर्ति की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है। शनिवार को सदर अस्पताल में एक मरीज को दिये गये इंजेक्शन के बंद बोतल में बाल मिलने के बाद मरीज ने इंजेक्शन लेने से इंकार कर दिया। शिकायत पर वरीय अधिकारी मामले की जांच में जुट गये हैं। वहीं सोशल मीडिया पर इस मामला वायरल भी हो गया है।

अस्पताल में भर्ती मरीज अभय आनंद ने बताया कि वो आठ जून को यहां भर्ती हुए थे। नौ जून को एक एएनएम ने इंजेक्शन की बंद बोतल उन्हें थमाते हुए सी¨रज मंगाकर लेने को कहा। मरीज हाथ में एम्पीसिलिन इंजेक्शन लेकर एक्सपाइरी डेट पढ़ने लगे तो उसे अंदर में बाल दिखाई दिया। जिसकी शिकायत उसने तुरंत नर्स व चिकित्सक से की। कहा गया कि दूसरा इंजेक्शन दे दिया जाएगा। इस मामले को मरीज ने तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद अन्य लोग भी हरकत में आ गये। सवाल उठता है कि सीलबंद इंजेक्शन के बोतल में बाल कहां से आया। लोग दवा की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाने लगे हैं। लोगों का कहना है कि दवा की सही तरीके से पै¨कग नहीं की जाती है। कई लोगों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

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मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।

डा. अशोक कुमार ¨सह, सिविल सर्जन, सहरसा

Posted By: Jagran