संवाद सूत्र, पीरपैंती: रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के द्वारा हरी झंडी मिलते ही रेल उल्टा पुल (आरओबी 91) पर बचे हुए कार्य को पूरा करनेे हेतु प्रशासनिक पहल शुरू हो गई है। सोमवार को रेलवे के ट्रैफिक ब्लॉक रिक्वायरमेंट के लिए इंजीनियरिंग,सिग्नल, ऑपरेटिंग, टीआरडी विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया। रेलवे के एसएसई पुल कंस्ट्रक्शन विभास सिंह, टीआई बीबी तिवारी, पीडब्लूआई चीफ नवीन कुमार,सिग्नल इंस्पेक्टर बीडी मंडल एवं जेई टीआरडी निताई प्रधान ने पुल का निरीक्षण कर ब्लॉक के लिए सर्वे किया।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि पुल निर्माण स्थल का रेलवे के सभी विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया। सभी अपने अपने कार्य के लिए ब्लॉक लेंगे। ब्लॉक डिमांड डिवीजन में पुटअप कर दिया गया है। संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार कर मालदा डिवीजन को ब्लॉक की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। ब्लॉक मिलते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पहले दिन ओएचई के तार को ब्रिज के हिसाब से एडजस्ट किया जाएगा। दूसरे दिन बीच वाले पिलर को खड़ा किया जाएगा। तीसरे दिन रोलिंग गार्डन का लॉचिंग कराया जाएगा। चौथे दिन रोलिंग गार्डर का बोल्टिंग होगा ।पांचवे दिन ब्रिज के मेन गार्डर को पुलिंग कराया जाएगा।

पुल निर्माण में प्री वर्क दो दिनों के अंदर कार्य शुरू हो जाएगा। मेगा ब्लॉक मिलते ही पुल चैनल को एक सप्ताह के अंदर लगाया जाएगा। 3 से 4 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से 5 से 6 दिनों का ब्लॉक लगने की संभावना है।उन्होंने बताया कि कार्य प्रारंभ होने के बाद 15 दिनों में पुल पर पैदल चलने की व्यवस्था हो जाएगी।जुलाई के अंत तक पुल निर्माण कार्य को पूर्ण कर आवागमन सामान्य कर दिया जाएगा। सीआरएस के आदेश के बिना पिछले छह माह से अधिक दिनों से काम रुका था। सीआरएस का आदेश मिलते ही शीघ्र निर्माण की आस जग गई है। बता दें कि पुल को कंट्रोल ब्लास्ट से तोडऩे से ढाई वर्ष से अधिक का समय हो गया है। जबकि रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग ने एक वर्ष के अंदर पुल निर्माण कर देने का एकरारनामा किया था। पुल गार्डर की लॉचिंग के कार्य के आदेश मिलते पीरपैंती के लोगों में काफी खुशी है।

Edited By: Shivam Bajpai