जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में भूअर्जन से संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पहुंच पथ निर्माण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के क्रम में संबंधित विभाग प्रतिनिधि द्वारा जानकारी दी गई कि टेक्निकल बिड अपलोड हो गया है। अगस्त में परियोजना संबंधित कार्य प्रारंभ होना संभावित है। परियोजना से संबंधित भूमि विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है। बैठक में कार्यपालक अभियंता को परियोजना संबंधी निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ कराने के लिए निर्देशित किया गया।

चोरहर घाट पर पुल एवं पहुंच पथ निर्माण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। परियोजना के संबंध में जानकारी दी गई कि दो मौजा में 1.1475 करोड़ रुपये मुआवजा राशि का भुगतान भूधारियो को किया जा चुका है। शेष के भुगतान कार्य में तेजी लाने का निर्देश जिला भूअर्जन पदाधिकारी को दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा के क्रम में बैठक में उपस्थित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरीय परियोजना अभियंता द्वारा जानकारी दी गई की डीपीआर में त्रिमूर्ति चौक से मिरजानहाट तक फ्लाइओवर ब्रिज का निर्माण कार्य प्रस्ताव सम्मिलित है। साथ ही ईशाकचक को भी जोडऩे का प्रस्ताव सम्मिलित है।

संबंधित वरीय परियोजना अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना स्थल पर कई जगहों पर अतिक्रमित किया गया है। निर्देश दिया गया को संबंधित पदाधिकारी संदर्भित भूमि के अतिक्रमण मुक्ति की दिशा में अविलंब प्रभावशाली कारवाई सुनिश्चित करेंगे। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।

30 जून तक कटाव निरोधी कार्य को पूरा करने का अधीक्षण अभियंता ने दिया निर्देश

जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता ई शशिकांत सिन्हा ने इस्माइलपुर से लेकर बिंद टोली के बीच लगभग बाईस करोड़ रुपये की लागत से कटाव निरोधी कार्यों को हर हाल में 30 जून तक पूरा करने का निर्देश संवेदक को दिया है। अपने निरीक्षण के दौरान बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने हर बार में 15 जून तक कटावरोधी कार्य समाप्त करने का निर्देश दिया था। उन्होंने 15 जून तक कार्य पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही थी।

बताते चलें कि इस्माइलपुर -बिंद टोली में लगभग 22 करोड रुपये से कटाव निरोधी कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा करवाये जा रहे हैं। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने लगा है, परन्तु कुछ जगहों पर काम शुरु भी नहीं हो सका है तथा कुछ संवेदनशील स्थानों पर मुख्य अभियंता के निर्देश के बावजूद फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य को प्रारंभ नहीं किया गया है। जिस कारण गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर अनहोनी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। स्पर संख्या पाँच से लेकर सात तक की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। क्योंकि गंगा नदी तटबंध के करीब काफी गहराई में बह रही है।अधीक्षण अभियंता ई शशिकांत सिन्हा ने बताया कि सभी संवेदनशील स्थानों पर तत्काल कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वालों पर कडृी कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Dilip Kumar Shukla