भागलपुर, जेएनएन। लॉकडाउन से अनलॉक-एक में सराफा बाजार पटरी से उतर गया है। अप्रैल महीने से सोना और चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सोना-चांदी महंगा होने का सीधा असर सराफा का कारोबार पर पड़ा है। लॉकडाउन चार के अंतिम सप्ताह से सराफा दुकानें खुली है। लेकिन, दुकानों में ग्राहकों की संख्या काफी कम है।

दरअसल, भागलपुर के सोना पट्टी में सोना-चांदी की करीब तीन सौ दुकानें हैं। वहीं, एक दर्जन के आसपास शोरूम है। मार्च से पहले यहां 30 लाख के आसपास हर दिन सोने-चांदी का कारोबार होता था, अभी यह आंकड़ा आठ से दस लाख के बीच पहुंच गया है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि लगन और किसी तरह का समारोह नहीं होने के कारण ग्राहकों की संख्या कम है। इस बार अक्षय तृतीया में भी कारोबार नहीं हो सका। कारोबारियों का कहना है कि मंदी से निकलने में लंबा समय लगेगा।

भागलपुर से झारखंड और कई जिलों में कारोबार

भागलपुर सराफा की बड़ी मंडी है। यहां कारखाना होने के कारण झारखंड के साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, गोड्डा के अलावा बांका, मुंगेर, खगडिय़ा और दूसरों जिलों से भी सराफा कारोबारी कारोबार करने पहुंचते थे। वाहन और ट्रेन नहीं चलने के कारण ये लोग अभी नहीं पहुंच रहे हैं।

लॉकडाउन ने सर्राफा बाजार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। 300 दुकानें बंद हैं, सोना और चांदी की कीमत में काफी इजाफा हुआ है। लगातार कीमत में बढ़ोत्तरी हो रही है। सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होती है। ग्राहकों की संख्या काफी कम है। घाटे की भरपाई में कई महीने लग जाएंगे। -अनिल कड़ेल, उप सचिव जिला स्वर्णकार संघ। 

मुख्‍य बातें

-लॉकडाउन के बाद सराफा कारोबारियों की टूटी कमर

-लगन और पार्टी फंक्शन नहीं होने से स्थिति भयावह

-300 के करीब सराफा दुकानें हैं सोनापट्टी में

-10 के करीब सोना-चांदी और हीरे के शोरूम हैं

-25 से 35 लाख के आसपास मार्च से पहले होती थी बिक्री

-08 से 10 लाख पहुंच गया बिक्री का आंकड़ा

24 कैरेट सोने की कीमत प्रति दस ग्राम

-जनवरी में 41, 700 हजार

-फरवरी में 42, 200 हजार

-मार्च में 42, 500 हजार

-अप्रैल में 46, 700 हजार

-मई में  47 हजार

-जून में 49, 500

चांदी की कीमत में बढ़ोतरी

-मई 49,200 हजार रुपये किलो

-जून 50 हजार रुपये किलो

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