गोड्डा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के पहिए में खराबी से हड़कंप! चक्का हुआ फ्लैट, भागलपुर में कोच बदलकर 2 घंटे बाद हुई रवाना
Godda Gomtinagar Express Flat Tyre : गोड्डा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच का पहिया घिसकर समतल हो गया था, जिससे बड़े ...और पढ़ें

Godda Gomtinagar Express Flat Tyre : गोड्डा-गोमतीनगर एक्सप्रेस
HighLights
गोड्डा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच का पहिया हुआ फ्लैट।
भागलपुर में क्षतिग्रस्त कोच बदलकर बड़ा रेल हादसा टाला गया।
ट्रेन सवा दो घंटे देरी से रवाना, यात्रियों को हुई परेशानी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Godda Gomtinagar Express Flat Tyre : गोड्डा से चलकर लखनऊ (गोमतीनगर) जाने वाली गोड्डा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में एक गंभीर तकनीकी खामी उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया। ट्रेन के वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (एसी थ्री) कोच बी-टू (B-2) का चक्का चलते-चलते घिसकर 'फ्लैट' (समतल) हो गया था।
यदि ट्रेन इसी स्थिति में लंबी दूरी तय करती, तो पटरियों के टूटने से बड़ा रेल हादसा हो सकता था। समय रहते मालदा कंट्रोल के निर्देश पर भागलपुर जंक्शन पर ट्रेन को रोककर क्षतिग्रस्त बोगी को हटाया गया और नया कोच जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया। इस कवायद के चलते ट्रेन भागलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या चार पर करीब सवा दो घंटे तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
गोल से समतल हो गया था पहिया
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन के पहियों का आकार पूरी तरह से राउंड (गोल) होना तकनीकी दृष्टि से अनिवार्य है। लेकिन नियमित घर्षण या ब्रेक बाइंडिंग के चलते इस बोगी का पहिया एक जगह से घिसकर समतल (फ्लैट) हो चुका था।
पटरी टूटने का था भारी जोखिम
रेलवे इंजीनियरिंग मानकों के मुताबिक, जब कोई फ्लैट पहिया तेज रफ्तार में पटरी पर दौड़ता है, तो वह रोल करने के बजाय पटरी पर बार-बार हथौड़े की तरह तेज प्रहार (हैमरिंग) करता है। इससे न केवल तेज 'पटक-पटक' की आवाज आती है, बल्कि पटरियों के चटकने या बीच से टूट जाने की प्रबल संभावना रहती है, जिससे ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा बना रहता है।
गोमतीनगर से हुई अनदेखी
बताया जाता है कि ट्रेन जब गोमतीनगर से गोड्डा पहुंची थी, तभी परीक्षण के दौरान कोच के पहिये में तकनीकी गड़बड़ी की बात सामने आई थी। रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि गोमतीनगर से ट्रेन के प्रस्थान के समय यार्ड में प्राथमिक जांच के दौरान इस गंभीर खराबी पर ध्यान नहीं दिया गया।
गोड्डा में नहीं मिला अतिरिक्त कोच
उधर, गोड्डा में स्पेयर (अतिरिक्त) एसी कोच की व्यवस्था नहीं होने के कारण रैक को वहां नहीं बदला जा सका। इसके बाद मालदा रेल कंट्रोल ने तुरंत भागलपुर जंक्शन को अलर्ट भेजा और निर्देश दिया कि ट्रेन के भागलपुर पहुंचते ही खराब एसी कोच को काटकर अलग किया जाए और सुरक्षित कोच जोड़ा जाए।
सवा दो घंटे प्लेटफॉर्म 4 पर फंसी रही गाड़ी
ट्रेन अपने निर्धारित समय पर शाम 4:55 बजे भागलपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या चार पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही सीएंडडब्ल्यू (कैरिज एंड वैगन) और परिचालन विभाग की तकनीकी टीमें काम में जुट गईं। क्षतिग्रस्त B-2 कोच को काटकर यार्ड से लाए गए अतिरिक्त एसी कोच को ट्रेन में जोड़ा गया। इस पूरी प्रक्रिया में काफी वक्त लगा और ट्रेन आखिरकार शाम 7:08 बजे गोमतीनगर के लिए रवाना हो सकी। इस दौरान दो घंटे से अधिक समय तक कोच के यात्री अपने सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर परेशान दिखे।
मालदा रेल मंडल की सफाई
उधर, मालदा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि यह एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया थी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन भागलपुर में कोच को बदलकर ट्रेन का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया गया।
