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रेल पुलों के गर्डर छूने लगा गंगा का पानी! भागलपुर-जमालपुर रूट बंद होने की नौबत; 30 की स्पीड से चल रहीं ट्रेनें

Published: Wed, 09 Sep 2026 12:10 AM (IST)

Bhagalpur Jamalpur Railway Track Flood: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर खतरा मंडरा रहा है, पुलों के ...और पढ़ें

Bhagalpur Jamalpur Railway Track Flood: रेल पुलों के गर्डर तक चढ़ा गंगा का पानी, भागलपुर-जमालपुर रूट पर रेल परिचालन बंद होने का खतरा

Bhagalpur Jamalpur Railway Track Flood: रेल पुलों के गर्डर तक चढ़ा गंगा का पानी, भागलपुर-जमालपुर रूट पर रेल परिचालन बंद होने का खतरा

HighLights

  1. गंगा का पानी रेल पुलों के गर्डर तक पहुंचा।

  2. भागलपुर-जमालपुर रेलमार्ग बंद होने का खतरा बढ़ा।

  3. ट्रेनों की गति 110 से घटाकर 30 किमी/घंटा की।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Jamalpur Railway Track Flood: गंगा नदी के लगातार विकराल होते जलस्तर ने अब भागलपुर क्षेत्र में सड़क के साथ-साथ रेल यातायात की सुरक्षा पर भी भारी संकट खड़ा कर दिया है। साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर स्थित रेल पुलों के निचले गर्डर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि भागलपुर और जमालपुर के बीच रेल मार्ग को किसी भी समय पूरी तरह बंद करने की नौबत आ सकती है।

ऐसी गंभीर स्थिति ने पूर्व रेलवे प्रशासन की पेशानी पर बल ला दिया है। रेलवे का मानना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई और ट्रैक या गर्डर पर दबाव बढ़ा, तो मुख्य लाइन पर परिचालन रोकना पड़ेगा। इसके चलते ट्रेनों को डायवर्टेड रूट (बदले मार्ग) से चलाना पड़ेगा और कई ट्रेनों को निरस्त भी किया जा सकता है। यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए रेल प्रशासन 24 घंटे पुलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

डीआरएम ने किया सघन निरीक्षण, सभी प्रमुख अधिकारी अलर्ट पर

बिगड़ते हालात की गंभीरता को देखते हुए तीन दिन पूर्व पूर्व रेलवे के चीफ इंजीनियर (सीइजी) ने अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) से रतनपुर के बीच रेल पुलों का सुरक्षा ऑडिट किया था। वहीं मंगलवार को डीआरएम मालदा मनीष कुमार गुप्ता ने विशेष निरीक्षण यान से मालदा से जमालपुर तक ट्रैक और पुलों का मुआयना किया। विंडो ट्रेलिंग विधि से किए गए इस सघन निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने मुख्य रूप से कहलगांव से बरियारपुर रेलखंड के मध्य पड़ने वाले सभी छोटे-बड़े रेल पुलों पर पैनी नजर रखी।

  • साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल पार, पुलों के निचले गर्डर तक पहुंची उफनती नदी

  • भागलपुर और जमालपुर के बीच रेल मार्ग बंद होने का खतरा गहराया, बिगड़े हालात तो बदले रूट से चलेंगी ट्रेनें और कई होंगी रद्द

  • मालदा डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने विंडो ट्रेलिंग से कहलगांव से बरियारपुर तक रेल पुलों का लिया जायजा; उच्चाधिकारी अलर्ट पर

  • अजगैबीनाथ धाम, सबौर, घोघा व बरियारपुर में लगा कॉशन; 110 की जगह 30 किमी/घंटा की रफ्तार से कॉशन पर दौड़ रहीं गाड़ियां

इस दौरान डीआरएम ने कौआ नाला ब्रिज, गुरुआ पुल, लाहरी पुल, सदोनिया पुल, चंपानाला पुल, महानय पुल, पनलोहापुर पुल, अखिरी व फल्गु नदी पुल की तकनीकी व भौतिक स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। आपात स्थिति से निपटने के लिए सीनियर डीईएन (सीओ), सीनियर डीईई (टीआरडी), सीनियर डीएसओ, सीनियर डीईएन-2 व 3, डीओएम और डीएससी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार शाम से गंगा के जलस्तर में गिरावट आने की उम्मीद जताई गई है, जो रेलवे व यात्रियों के लिए राहत भरी खबर साबित हो सकती है।

गर्डर छू रहा पानी, 110 की जगह 30 की रफ्तार पर कॉशन

वर्तमान में अजगैबीनाथ धाम और कल्याणपुर के बीच स्थित ब्रिज संख्या 181, 182, 184 तथा बरियारपुर और रतनपुर के मध्य बने ब्रिज के निचले गर्डर तक गंगा की तेज धार स्पर्श कर रही है। स्थिति को देखते हुए सबौर, लैलख, घोघा, एकचारी, कहलगांव, बरियारपुर और अजगैबीनाथ धाम स्टेशनों के बीच कॉशन ऑर्डर (सतर्कता आदेश) लागू कर दिया गया है।

सुरक्षा के मद्देनजर पिछले पांच दिनों से इस पूरे रेलखंड पर 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेनों की गति नियंत्रित कर महज 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। रेल पुल-पुलियों के नीचे पानी का तेज प्रवाह होने के कारण रेलवे किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। ट्रैक की स्टेबिलिटी और जलस्तर की मॉनिटरिंग के लिए इंजीनियरिंग विभाग की टीमें दिन-रात पेट्रोलिंग कर रही हैं।