भागलपुर : राघोपुर पर कटाव का खतरा! मुख्य द्वार तक पहुंची गंगा की धार, गाद जमा होने से बदला रुख, गाइड बांध की दरकार
Bhagalpur Kharik Raghopur Ganga Katav: भागलपुर के खरीक प्रखंड अंतर्गत राघोपुर पंचायत पर गंगा के भीषण कटाव का संकट मंडरा ...और पढ़ें

Bhagalpur Kharik Raghopur Ganga Katav: खरीक के राघोपुर के मुख्य द्वार पर मंडराया गंगा का भीषण कटाव; गाद जमा होने से बदला धारा का रुख, गाइड बांध की मांग
HighLights
राघोपुर पंचायत पर गंगा कटाव का गंभीर संकट।
गाद जमा होने से नदी का बहाव बदला, खतरा बढ़ा।
ग्रामीणों ने स्थायी गाइड बांध निर्माण की मांग की।
संवाद सूत्र, खरीक (भागलपुर)। Bhagalpur Kharik Raghopur Ganga Katav: भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत राघोपुर पंचायत पर एक बार फिर गंगा के भीषण कटाव का विकराल संकट मंडराने लगा है। गंगा की मुख्य धारा संकुचित होकर सीधे राघोपुर गांव की ओर दबाव बना रही है। यदि नदी के बहाव का रुख और दबाव इसी प्रकार बना रहा, तो राघोपुर पंचायत का मुख्य प्रवेश द्वार और संपर्क मार्ग किसी भी समय गंगा के गर्भ में समा सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब ब्रह्मबाबा स्थान से लेकर पूरे कटाव प्रभावित क्षेत्र तक मजबूत गाइड बांध बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
गाद जमा होने से बदला बहाव
गंगा कटाव स्थल पर चलाए जा रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों की स्थलीय मॉनिटरिंग करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता जय प्रकाश पासवान ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बताया। मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर रेलवे बांध का कटाव हुआ था, वहां पहले रेलवे का मजबूत बांध मौजूद था। पुल निर्माण के समय उसके आसपास गाइड बांध का निर्माण कराया जाना बेहद जरूरी था, लेकिन तत्कालीन समय में ऐसा नहीं हो सका।
1500 फीट में सिमटी गंगा
उन्होंने बताया कि गंगा की मूल चौड़ाई सिमटकर अब मात्र करीब 1500 फीट के दायरे में रह जाने की बात सामने आ रही है। गंगा की धारा में भारी मात्रा में गाद (सिल्ट) जमा होने के कारण बहाव का स्वाभाविक प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। मुख्य अभियंता ने चिंता जताते हुए कहा कि जिस मार्ग से गंगा की धारा बहनी चाहिए, वहां गाद का जमाव होना बेहद प्रलयकारी साबित हो रहा है, जिससे नदी की प्रचंड धारा सीधे गांव के मुख्य तटबंध और प्रवेश मार्ग पर प्रहार कर रही है।
मुख्य द्वार खतरे में, गाइड बांध की उठी मांग
गंगा की तेज जलधारा के सीधे टकराव से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव निरोधी उपायों में जरा भी ढिलाई हुई, तो पंचायत का मुख्य द्वार और मुख्य सड़क कटकर नदी में विलीन हो जाएगी, जिससे पूरा गांव अलग-थलग पड़ जाएगा।
पुश्तैनी आशियाना, उपजाऊ खेत और जानमाल के नुकसान की आशंका से ग्रामीण रतजगा करने को विवश हैं। ग्रामीणों ने सरकार और जल संसाधन विभाग से मांग की है कि ब्रह्मबाबा स्थान से आगे तक स्थायी गाइड बांध का निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल आने वाले इस प्रलयकारी संकट से मुक्ति मिल सके।
पानी घटते ही बनेगी स्थायी कार्ययोजना : ऊर्जा मंत्री
राघोपुर में गंगा कटाव के गंभीर रूप अख्तियार करने पर बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेष कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि सरकार और संबंधित विभाग गांव की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग हैं और कटाव रोकने के लिए हरसंभव आपात प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही गंगा का जलस्तर कम होगा, प्रभावित इलाके को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से एक समग्र और स्थायी कार्ययोजना धरातल पर उतारी जाएगी।
उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले 13 वर्षों से गंगा की धारा के परिवर्तन को रोकने के लिए लगातार संघर्ष और प्रयास किए जाते रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानवीय सीमाएं जरूर होती हैं, लेकिन राघोपुर के अस्तित्व को बचाने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
वहीं, ग्रामीणों का भी मानना है कि मंत्रियों के सतत प्रयास से ही अब तक आपातकालीन बचाव कार्य संभव हो पाया है और आगे भी उन्हीं के हस्तक्षेप से स्थायी गाइड बांध के निर्माण की उम्मीद है।
