जागरण संवाददाता, भागलपुर। केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे से फॉर्च्यूनर गाड़ी का ऑक्शन कराने का झांसा देकर आठ लाख से अधिक की ठगी का मामला सामने आया था। इस मामले का पता लगाने के लिए अब तकनीकी सेल एक्टिव हो गई है।

जानकारी के अनुसार ठग ने अर्जित शाश्वत चौबे को कस्टम इंस्पेक्टर राहुल कुमार के रूप में परिचय दिया था। उसने फॉर्च्यूनर गाड़ी की ऑक्शन कराने का झांसा देकर आठ लाख 29 हजार 200 रुपये की ठगी कर ली थी। हाइप्रोफाइल मामला होने के कारण सजौर पुलिस शातिर ठग का पता लगाने के लिए तकनीकी सेल की मदद ले रही है। पुलिस ने ठगी करने वाले का मोबाइल नंबर और ठगी से जुड़ी अन्य जानकारियां तकनीकी सेल को दे दी। जिसके बाद साइबर सेल ठग का पता लगाने में जुट गई है।

बता दें कि मंत्री अश्वनी चौबे के बेटे ने सजौर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। मंत्री पुत्र अर्जित को ठगी का पता तब लगा, जब सात जनवरी को गाड़ी और डॉक्यूमेंट लेकर आरोपी शख्स नहीं पहुंचा। अर्जित ने कॉल किया तो आरोपी ने कॉल भी रिसीव नहीं किया। बाद में अर्जित शाश्वत चौबे ने धोखाधड़ी करने वाले से रकम वापस करने को कहा तो उसने फोन पर गाली-गलौज की और पैसा भूल जाने की बात कही थी। उसने जान से मार देने की धमकी भी दी।

नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए भेजे थे रुपए

ठगे जाने का भान होते ही मंत्री पुत्र ने सजौर थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोप में केस दर्ज कराया। दर्ज केस में अर्जित शाश्वत चौबे ने कस्टम विभाग की तरफ से जब्त गाड़ी की नीलामी को लेकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर 14 प्रतिशत राशि कुल आठ लाख 29 हजार दो सौ रुपये आरोपी के खाते में भेजी थी।

इस मामले में कथित कस्टम इंस्पेक्टर राहुल कुमार और उसके सहयोगी सुरेश प्रमाणिक, सूरज कुमार सिंह, बजरंगी कुमार सिंह के खिलाफ नामजद केस दर्ज हैं, जिनके तलाश में पुलिस जुट गई है।

बता दें कि जिले में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण ही नहीं ब​ल्कि शहरी क्षेत्रों में भी शातिर नई-नई तरकीब अपनाकर लोगों को चूना लगा रहे हैं, जबकि तकनीकी सेल ठगों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।

Edited By: Roma Ragini

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