Vikramshila Bridge: फोरलेन पुल के निर्माण में कम पड़ गई जमीन, मंत्रालय ने LAO को लिखा पत्र
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे फोरलेन पुल के निर्माण में भूमि की कमी आ रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी (LAO) को पत्र लिखकर जल्द भूमि अधिग्रहण करने का आग्रह किया है ताकि पुल का निर्माण समय पर पूरा हो सके। भूमि की कमी के कारण पुल निर्माण में देरी हो रही है।

विक्रमशिला पुल के समानांतर बन रहा पुल। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल के अप्रोच रोड के लिए मंत्रालय की ओर से जमीन की मांग की गई है। इसका नक्शा भी भू-अर्जन कार्यालय को दे दिया गया है। बरारी की ओर 946.47 वर्गमीटर अतिरिक्त सरकारी भूमि की जरूरत है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 131बी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल बनाया जा रहा है। समानांतर सेतु की लंबाई 4.455 किमी की होगी, जिसमें नवगछिया की तरफ 35 मीटर और भागलपुर में बरारी की ओर 53 मीटर अप्रोच रोड होगा।
बरारी तरफ अप्रोच बनाने के लिए मंत्रालय की ओर से जमीन की मांग की गई है। मोर्थ के परियोजना निदेशक ने जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी (Land Acquisition Officer) को पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि हाई लेवल एप्रोच रोड बनाने के लिए बरारी की ओर 946.47 वर्गमीटर अतिरिक्त सरकारी भूमि की जरूरत है।
1110 करोड़ रुपये थी लागत
मोर्थ के एक अधिकारी ने बताया कि फोरलेन पुल की स्वीकृति के समय ही राज्य सरकार को अपने संसाधनों से भूमि अधिग्रहण करने की शर्त रखी गई थी और बाद में परियोजना की संशोधित लागत लगभग 1110 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई। अब तकनीकी जरूरतों के कारण पुल से जुड़ने वाले अप्रोच रोड के लिए जमीन चाहिए।
नक्शा भी भू-अर्जन कार्यालय को दिया गया है। विक्रमशिला सेतु को मजबूती देने के लिए हर पिलर की अलग डिजाइन बन रही है। जिससे पुल को मजबूती मिलेगी। सेतु के लिए 40 पाए (पिलर) बनाए जा रहे हैं। पिलर का काम भी दो हिस्सों में कराया जा रहा है। इसके लिए निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला ने पुल के दोनों तरफ अपना यार्ड बनाया है।
कुल 23 पिलर पर होना है काम
बरारी यार्ड से 23 पिलर का काम होना है और नवगछिया की ओर बने यार्ड से 17 पिलर का काम कराया जा रहा है। 4.445 लंबाई वाली फोरलेन पुल का 2.4 किलोमीटर का काम बरारी यार्ड और दो किलोमीटर किमी का काम नवगछिया यार्ड की ओर से कराया जा रहा है।
हर पिलर की आपस की दूरी 100-110 मीटर के बीच रहेगी। वहीं, पिलर का रेडियस (चौड़ाई) 9-11 मीटर के बीच की रहेगी। नदी में आई बाढ़ के कारण चार माह से काम प्रभावित था, जिसे शुरू करा दिया गया है।

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