'लग्जरी' सपना पूरा, अब फॉर्च्यूनर की करेंगे सवारी! बाबा को थैंक यू बोलने अजगैवीनाथ से लुढ़कते हुए देवघर निकले मनोरंजन
Fortuner Mannat Baba Dham: बांका के मनोरंजन कुमार यादव अपनी फॉर्च्यूनर खरीदने की मन्नत पूरी होने पर सुल्तानगंज से देवघर ...और पढ़ें

Fortuner Mannat Baba Dham: फॉर्च्यूनर खरीदने की मन्नत पूरी हुई तो मुड़गुनिया देते बाबाधाम चले मनोरंजन: राजमिस्त्री के बेटे की अनूठी आस्था
HighLights
फॉर्च्यूनर खरीदने की मन्नत पूरी होने पर यात्रा।
सुल्तानगंज से देवघर तक सिर के बल लुढ़कते हुए।
गरीबी से निकलकर बाबा बैद्यनाथ के प्रति आभार।
संवाद सूत्र, अजगैवीनाथ धाम (भागलपुर)। Fortuner Mannat Baba Dham: देवाधिदेव महादेव के भक्तों की आस्था के रंग निराले हैं। कोई नंगे पांव मीलों का फासला तय करता है, कोई दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ता है, तो कोई कमर में भारी रथ बांधकर बाबाधाम की डगर नापता है।
इसी कड़ी में सुल्तानगंज स्थित पवित्र अजगैवीनाथ धाम में एक ऐसे ही अनोखे शिवभक्त को देखा गया, जो अपनी विशेष मन्नत पूरी होने के बाद सिर के बल लुढ़कते हुए यानी 'मुड़गुनिया' देते हुए बाबा बैद्यनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने निकले हैं।
बांका जिले के बेलहर प्रखंड अंतर्गत खड़ौधा गांव निवासी 32 वर्षीय कांवरिया मनोरंजन कुमार यादव ने बताया कि उनके जीवन की इस अप्रत्याशित सफलता के पीछे बाबा बैद्यनाथ का ही आशीर्वाद है। मनोरंजन के पिता अरुण यादव गांव में राजमिस्त्री का काम कर किसी प्रकार परिवार का भरण-पोषण करते थे।
घर की मुफलिसी और आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए मनोरंजन वर्षों पूर्व रोजगार की तलाश में असम के गुवाहाटी चले गए। वहां उन्होंने कामाख्या मंदिर के पास कड़े परिश्रम के दम पर स्टील फैब्रिकेशन की दुकान खोली।
जब मन में जागा फॉर्च्यूनर का ख्वाब
मनोरंजन बताते हैं कि गुवाहाटी में काम के दौरान जब वे बड़े और संपन्न लोगों को लग्जरी गाड़ियों में घूमते देखते थे, तो उनके मन में भी एक ख्वाब ने जन्म लिया- अपने परिवार के लिए 'फॉर्च्यूनर' गाड़ी खरीदना। एक राजमिस्त्री के बेटे के लिए यह सपना किसी पहाड़ जैसा था।
तब उन्होंने बाबा बैद्यनाथ के समक्ष माथा टेककर मन्नत मांगी कि जब भी महादेव की कृपा से उनके पास फॉर्च्यूनर खरीदने लायक सामर्थ्य और धन हो जाएगा, तो वे गाड़ी की चाबी हाथ में लेने से पहले मुड़गुनिया देते हुए अजगैवीनाथ धाम से देवघर पहुंचेंगे और गंगाजल अर्पित करेंगे।
बाबा ने सुनी अरदास, अब कठिन साधना से चुका रहे संकल्प
मनोरंजन का कहना है कि भोलेनाथ ने उनकी प्रार्थना सुन ली और व्यापार में ऐसी बरकत दी कि फॉर्च्यूनर खरीदने का उनका सपना साकार हो गया। अब अपने उसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे पिता अरुण यादव के साथ गुवाहाटी से सीधे सुल्तानगंज पहुंचे हैं।
मनोरंजन के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। वे अन्न का त्याग कर केवल फलाहार के सहारे जमीन पर मुड़गुनिया देते हुए आगे बढ़ रहे हैं, जबकि उनके बुजुर्ग पिता हाथ में गंगाजल का कांवर लिए बेटे के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। मनोरंजन का कहना है कि यह यात्रा शारीरिक रूप से जितनी भी कठिन हो, बाबा के प्रति उनका आभार और अगाध श्रद्धा हर दर्द को आसान बना देती है।
