सहरसा [जेएनएन]। सहरसा जिला अपराध की गिरफ्त में है। रोज हत्या, लूट और छिनतई की घटनाएं हो रही है। बुधवार की रात राजनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया सत्तो यादव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पूर्व मुखिया दूधैलभित स्थित अपने ​बथान पर रात में ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहा था। पूर्व मुखिया सत्तो खुद ट्रैक्टर चला रहे थे।

इसी बीच घोड़े तथा बाइक से आए आधे दर्जन से ज्यादा अपराधियों ने ताबड़तोड़ फा​यरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान सत्तो यादव को कई गोलियां लगी। इसके तुरंत बाद घटनास्थल पर ही सत्तो यादव की मौत हो गई।

घटनास्थल को लेकर विवाद

घटना की सूचना मिलने पर गुरुवार की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस भी वहां पहुंची। सहरसा के कनरिया और महेषी थाना पुलिस ने घटनास्थल को दरभंगा जिला का भाग बताया। इस कारण आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। पुलिस उस स्थल की जांच कर रही है कि जहां हत्या हुई वह किस जिले का भाग है। इसके लिए अमीन का भी सहायता लिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन और जमीन संबंधी मामले के जानकारों के अनुसार जिस जगह हत्या हुई वह दरभंगा जिले के तिलकपुर ओपी में पड़ता है। घटना स्थल पर पड़ा शव दरभंगा जिले में है। पुलिस शव को दरभंगा भेजने की तैयारी कर रही है। दरभंगा पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई। तिलकपुर ओपी पुलिस वहां पहुंच चुकी है।

 

इस बीच जिस घोड़ी से अपराधी वहां पहुंचे थे, उसमें से एक घोड़ी को पुलिस ने घटनास्थल के पास से ही बरामद किया। पुलिस ने कहा कि भागने के क्रम में अपराधी घोड़ी पर बैठ नहीं पाया होगा, इस कारण अपराधी का घोड़ी वहां छूट गई। 

पूर्व मुखिया पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज

पूर्व मुखिया सत्तो यादव पर हत्या, लूट, अपहरण के कई मामले दर्ज हैं। वह पुलिस के डर से भागा फिरता था। सत्तो पर डेंगराही तिहरे हत्याकांड में भी पुलिस को इसकी तलाश थी। सतो यादव का पुल काजल यादव भी कुख्यात अपराधी है। पुलिस को दोनों की तालाश थी। लेकिन बुधवार की रात अपराधियों ने सत्तो यादव की गोली मारकर हत्या कर दी।

चोरों की पिटाई से मौत

सहरसा जिला अंतर्गत पतरघट ओपी के धबौली दक्षिण पंचायत के वार्ड तीन में बुधवार की देर रात एक घर में चोरी करने आए चोरों ने गृहस्वामी निरंजन सिंह तथा उनके पुत्र कमलेश कुमार की जमकर पिटाई कर दी। चोरों ने दोनों को ईंट से मारा। इस घटना में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से जख्‍मी हो गए। जख्मी हालत में स्‍वजनों ने निरंजन और कमलेश को इलाज के लिए मधेपुरा ले गए। ले जाने के क्रम में ही कमलेश की मौत रास्‍ते में हो गई। जबकि उनके पिता निरंजन सिंह का इलाज मधेपुरा में चल रहा है। निरंजन की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। निरंजन सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक है।

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Posted By: Dilip Shukla

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