भागलपुर। गोपालपुर प्रखंड के बिंदटोली में प्राथमिक विद्यालय का आधा भवन गंगा नदी के कटाव में ध्वस्त होकर नदी में समा गया। शेष भवन में भी दरार आ गई है। वह कभी भी ध्वस्त हो सकता है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के अभियंता पर विद्यालय बचाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक कोई प्रशासनिक सुविधा हम लोगों को नहीं मिली है। कटाव की रफ्तार देख गांव में अफरा तफरी मची है। लोग अपने-अपने घरों से सामान निकाल कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाने में लगे हैं। प्राचार्य शशि कला ने बताया कि विद्यालय में कुल 232 छात्र-छात्राओं का नामंकन था। विद्यालय भवन ध्वस्त होने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो गई। विद्यालय भवन कटने से पूर्व सभी कागजात सुरक्षित निकाल लिए गए थे। शिक्षा विभाग के उच्च पदाधिकारी को कटाव की जानकारी दे दी गई है। सीओ ने बताया कि कुछ परिवार को पॉलीथिन शीट दिए गए हैं। शेष परिवार को भी दिया जाएगा। प्रभावित परिवारों का राजस्व कर्मचारी द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। मंगलवार से सूखा राशन दिया जाएगा। बाढ़ से प्रभावित इस्माईलपुर प्रखंड कार्यालय को नवगछिया में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में सात सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से नवगछिया प्रखंड के कई क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। नवगछिया सीओ ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जगतपुर का जायजा लिया जा रहा है। उसके पश्चात बाढ़ प्रभावितों को सहायता दी जायेगी।

नारायणपुर की बैकठपुर दुधैला पंचायत को बाढ़ग्रस्त पंचायत घोषित किया गया है। गंगा के पानी से घिरे यहां के बाढ़ पीड़ित विद्यालय में डेरा जमाए हुए हैं। कई लोग सुल्तानगंज, नाथनगर, साहपुर में डेरा डाले हैं। सीओ रामजपी पासवान ने बताया कि एक हजार छह बाढ़ पीड़ितों के लिए चूड़ा, शक्कर, माचिस, मोमबत्ती भेजा गया है, जिसे वितरण करने में अंचलकर्मियों को लगाया गया है। सीओ ने बताया कि अभी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ पीडितों की संख्या बढ़ सकती है। आवागमन के लिये पंचायत को आठ नाव दिया गया है। ग्रामीण संजय मंडल भारती, जंगली मंडल, उपेन्द्र, रूदल, तासु, महेश, देवनाराण, परमानंद ने बताया कि लोगों को शुद्ध पेयजल की आवश्यकता है। अंधेरे में लोगों को परेशानी होती है। पानी के कारण जहरीले साप, कीड़ा का भय बना रहता है। लोगों को शौच में परेशानी होती है। अस्थाई शौचालय, चापाकल और रोशनी की व्यवस्था की जानी चाहिए। भवनपुरा पुल के नीचे कटाव शुरू : भवनपुरा पुल के नीचे कोसी नदी में कटाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों को एकबार फिर से बाढ़ की चिंता सताने लगी है। नदी किनारे लगे बिजली के खंभे पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीणों ने विभागीय पदाधिकारियों से कटाव रोकने की दिशा में पहल करने की माग की है। रानी दियारा से 200 परिवार कर गए पलायन, टपुआ में अपने घर उजाड़ रहे ग्रामीण : गंगा का रौद्र रूप देखकर इसबार लगता है कि रानी दियारा और टपुआ गाव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। ग्रामीण परेशान और असमंजस में हैं कि क्या करें। प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला है। यह देख रानी दियारा से करीब दो सौ कटाव पीड़ित परिवार पलायन कर चुके हैं। कुछ कटाव पीड़ित गाव के स्कूल में शरण लिए हुए हैं, जिनके घर कटाव के मुहाने पर आ गए हैं वो भी अपने-अपने घरों को उजाड़ कर गाव से जा रहे हैं। गाव का आधा हिस्सा तो कट चुका है। स्कूल पर भी कटाव का खतरा बढ़ने लगा है। अनन्त कुमार मण्डल ने बताया कि अभी तक राहत कैम्प नहीं खोला गया है। कटाव पीड़ितों के पुनर्वास की भी व्यवस्था नहीं की जा रही है। टपुआ गाव में भी कटाव की हालत बदतर होती जा रही है। पंचायत भवन पर कटाव का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण गाव को बचाने और कटाव रोकने के लिए प्रयत्‍‌नशील हैं। रात दिन कटाव पर नजर लगाए हुए है। गाव में कटाव को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण अटल बिहारी ने बताया कि प्रदीप यादव एवं नेबी यादव समेत 15 ग्रामीण अपने-अपने घर उजाड़ने में लगे हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत के नाम पर मात्र रोशनी के लिए दो जेनरेटर दिया गया है। पूर्व सरपंच भगवान मण्डल, पंचायत समिति सदस्य कन्हैया लाल सिंह, अमित कुमार सिंह, सुबोध यादव, सुबोध मण्डल आदि ने कहा कि अभी तक गाव को बचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। कटाव के भय से ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। बाढ़ के पानी से गाव घिरने लगा है। ग्रामीण जानमाल की सुरक्षा के लिए रात में पहरा दे रहे हैं। भय का माहौल छाया हुआ है। दो स्कूलों में घुसा पानी : कहलगाव में गंगा सहित कुआ, भैना, गेरुआ, घोघा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। चौर एवं दियारा इलाका जलमग्न हो चुका है। रेल लाइन एवं एनएच के बीच पानी का फैलाव हो रहा है। गाव भी बाढ़ के पानी से घिरने लगा है। कैथपुरा चायटोला एवं त्रिमुहान स्कूल में बाढ़ का पानी भर चुका है। पानी में ही बच्चे स्कूल जा रहे हैं। प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी प्रभुनाथ चौरसिया ने बताया कि कैथपुरा चायटोला स्कूल को मजदाहा स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है। त्रिमोहन स्कूल की स्थिति देखी जा रही है। इसके अलावे किसी स्कूल में बाढ़ का पानी प्रवेश नहीं किया है। गोराडीह प्रखंड क्षेत्र में घुसा बाढ़ का पानी : गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से गोराडीह के जमसी गाव में बाढ़ का पानी घुस गया। हाईस्कूल के मैदान और चारों तरफ पानी फैल गया। मुख्य सड़क किनारे वीजे इंटरनेशनल प्राइवेट स्कूल में भी पानी प्रवेश कर गया है। बाघमारा, गोहारियो, अगरपुर, मोहनपुर, चकदरिया, उस्तु सहित कई गांवों में सैकड़ों एकड़ बहियार में पानी फैलने से धान की फसल डूब गई। ग्रामीणों ने बताया कि यदि एक दो दिन में जलस्तर नहीं कम हुआ तो सारी फसल बर्बाद हो जाएगी। सासद जयप्रकाश ने लिखा डीएम को पत्र : गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण शाहकुंड प्रखंड के मंझो, मुंजत, बाला चौकी, मिल्की हरपुर अशरफ पुर, पैरडु कौशल मनियामाल आदि पंचायतों में बाढ़ के पानी से धान की फसल डूब जाने के कारण फसल की बर्बादी को लेकर बाका लोकसभा के सासद जयप्रकाश नारायण यादव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर फसल क्षति का मुआयना कराने की माग की है।

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