भागलपुर, जेएनएन। पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल में बारिश थमने से फिलहाल बाढ़ का खतरा टला है। हालांकि, गंगा, कोसी और बागमती नदियों के जलस्तर में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राहत की बात यह है कि छोटी नदियों में पानी कम हो रहा है। इस बीच, कटिहार में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

मुंगेर में मंगलवार को गंगा का जलस्तर 34.70 मीटर दर्ज किया गया। गंगा यहां 39.33 मीटर के बाद खतरे के निशान को पार करती है। खगडिय़ा में पिछले 24 घंटे में कोसी के जलस्तर में मात्र एक सेमी की बढ़ोतरी हुई है। यहां बलतारा में कोसी खतरे के निशान से 63 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं, संतोष स्लूस गेट के पास बागमती के जलस्तर में 15 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। नदी खतरे के निशान से 66 सेमी ऊपर है। सुपौल में कोसी नदी के जलस्राव में सोमवार की रात से लगातार गिरावट जारी है। पश्चिमी तटबंध के दबाव वाले ङ्क्षबदुओं को विभाग ने सुरक्षित कर लिया है। विभागीय अभियंता के अनुसार अभी कहीं कोई विशेष दबाव नहीं है। नेपाल प्रभाग के नेपाली बांध के स्पर संख्या 34 को भी सुरक्षित कर लिया गया। पश्चिमी तटबंध के ट्रिपल एफ के अध्यक्ष ई किशोर कुमार ने बताया कि सिकरहट्टा-मझारी लो बांध एवं घोघरडीहा से नीचे तथा भारदह से नीचे भी दबाव वाले ङ्क्षबदुओं को सुरक्षित कर लिया गया। कोसी नदी का जलस्राव मंगलवार शाम चार बजे बराहक्षेत्र में 85,000 क्यूसेक और कोसी बराज पर 1,28,480 क्यूसेक घटते क्रम में रिकॉर्ड किया गया। सहरसा में भी तटबंधों के अंदर कोसी का जलस्तर कम हो रहा है। मधेपुरा के फुलौत में भरही धार में पानी बढऩे से लोग भयभीत हैं। कई गांवों के पहुंच पथ डूब चुके हैं। अररिया जिले में कई सड़कों से पानी उतर चुका है। बारिश थमने से बाढ़ की आशंका से भयभीत कई गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। किशनगंज जिले में भी महानंदा, मेंची, कनकई, बूढ़ी कनकई, रेतुआ समेत सभी छोटी-बड़ी नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है। इस कारण कटाव तेज हो गया है। जिले की एक दर्जन से अधिक सड़कों पर कटाव हो रहा है। कटिहार जिले में महानंदा व उसकी सहायक नदियों के पानी का फैलाव लगातार जारी है। कदवा, बलरामपुर, आजमनगर, प्राणपुर व बारसोई में नए इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है। कई ग्रामीण पथों पर आवागमन ठप हो गया है। कदवा में डूबने से एक की मौत हुई है। मंगलवार को महानंदा के जलस्तर में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। पूर्णिया जिले में महानंदा, परमान, कनकई आदि के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। बैसा प्रखंड के मडवा गांव में कटाव निरोधक कार्य मंगलवार को ध्वस्त हो गया। इस कारण आधा दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

गंगा घाट पर दो दिनों में होगा बेरिकेटिंग

सुल्‍तानगंज स्थित गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा को बेरिकेटिंग किया जाना हे। इसके लिए नई सीढ़ी घाट व जहाज घाट पर बांस-बल्ला से घेरने के लिए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को आदेश दिया गया था। इसके बावजूद कार्य नहीं किए जाने पर डीएम प्रणव ने दो दिनों में बेरिकेटिंग करने का निर्देश दिया है। ताकि श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। हालांकि कोरोना संक्रमण को लेकर श्रावणी मेले में पूजा-अर्चना की संभावना नहीं हो रही है।

Posted By: Dilip Shukla

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