संवाद सूत्र किशनपुर (सुपौल)। कोसी नदी की बाढ़ से किशनपुर प्रखंड की पांच पंचायत पूर्ण व चार पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित होती हैं। लगभग 65 हजार लोगों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है। पीडि़त परिवारों को सरकारी स्तर पर हर वर्ष अनाज, पालिथीन एवं सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाती है जिससे पीडि़तों को राहत मिलती है। इसके लिए पंचायतों से बाढ़ पीडि़तों की सूची हर साल मांगी जाती है जिसके आधार पर भुगतान किया जाता है। पंचायतों के मुखिया के अनुसार दी गई सूची के अनुरूप भुगतान नहीं होता है जिससे लाभुक परेशान रहते हैं। कई बार तो पुरानी सूची के आधार पर ही वितरण कर दिया जाता है।

बौराहा पंचायत के मुखिया उदय कुमार चौधरी ने बताया कि 2017 में दो हजार बाढ़ पीडि़तों को सहायता राशि का भुगतान किया गया। 2019 में 2250 लोगों की सूची अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराई गई जिसमें 1970 लोगों को ही सहायता राशि मिल पाई। 2020 में 1970 पीडि़तों की सूची अपलोड हुई, 750 लोग वंचित रह गए। 1970 लोगों में से 1950 का ही भुगतान हो पाया।

नौआबाखर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद साह ने बताया कि 2017 में 2524 लोगों के बाढ़ सहायता राशि अंचल से दी गई। 2019 में 2017 का डाटा ही अपलोड कर दिया गया और 2294 लोगों को राशि दी गई। 2020 में फिर वही सूची अपलोड हुई और 2107 लोगों को राशि दी गई। कहा कि प्रति वर्ष पीडि़तों की संख्या बढ़ती जाती है लेकिन पुरानी सूची ही आधार बनती है।

मौजहा के मुखिया जगन्नाथ महतो ने बताया कि 2017 में दो हजार लोगों की सूची जमा की गई जिसमें 1902 लोगों को सहायता राशि का भुगतान हो पाया। 2019 में 2100 पीडि़तों की सूची जमा हुई तो 1400 लोगों को ही राशि मिल पाई। 2020 में भी 2100 लोगों की सूची में से 1400 लोगों को लाभ मिल पाया।

दुबियाही के मुखिया शंकर कुमार ने बताया कि 2017 में 1700 लोगों की सूची में से 1300 लोगों को भुगतान हुआ। 2019 में भी 2017 की सूची को ही माना गया। इसमें 131 लोग सहायता राशि से वंचित रह गए। 2020 में भी 2017 की सूची को ही अपलोड किया गया। इसमें से एक सौ लोगों को अभी तक राशि नहीं मिल पाई है।

नौआबाखर पंचायत के वार्ड नंबर 07 निवासी सूर्य नारायण यादव ने बताया कि 2019-20 में बाढ़ राहत सहायता राशि नहीं मिली। सीओ कार्यालय का चक्कर लगाया तो सीओ ने कहा कि राशि खाते में पहुंच जाएगी लेकिन नहीं पहुंची। परसाही वार्ड नंबर तीन के गुरुदेव साह की पत्नी सीता देवी ने बताया कि 2017 में राशि मिली थी इसके बाद से नहीं मिली है। यहीं के छोटे लाल साह की पत्नी रंजन देवी ने भी इसी तरह की बात बताई।

क्या कहते हैं सीओ

सीओ संध्या कुमारी ने बताया कि नई सूची के लिए कर्मचारी से कहा गया है। अभी तक सूची उपलब्ध नहीं हुई है। सूची उपलब्ध होने पर अपडेट करवाई जाएगी।

हर वर्ष पीडि़तों की सूची अपलोड की जाती है। वगैर सर्वे कराए और जांच पड़ताल के सूची अपलोड नहीं कराई जाती। तटबंध के अंदर कई गांव और पंचायत ऐसे हैं जो हर वर्ष प्रभावित होते हैं , नतीजा होता है कि अधिकांश लाभुक ऐसे होते हैं जिन्हें विगत वर्ष भी लाभ मिला रहता है।

-अनंत कुमार, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी

 

Edited By: Abhishek Kumar