पटना [वेब डेस्क]। बिहार में आई बाढ़ से लोगों को कई तरह के कष्टों का समाना करना पड़ा। ऐसे ही एक मामले में एक परिवार की जिंदगी 18 दिनों से पेड़ पर कटी। संयोग से उनपर एनडीआरएफ की नजर पड़ गई और उन्हें पेड़ से उतार कर राहत शिविर में लाया गया। घटना भागलपुर के नवगछिया स्थित बगडेर गांव की है।

भागलपुर मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर नवगछिया के बगडेर गांव में परमानंद मंडल का 12 लोगों का एक परिवार 18 दिनों से एक पेड़ पर जीवन गुजार रहा था। बाढ़ से बचने के लिए जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो पूरा परिवार पेड़ पर चढ़ गया। पेड़ पर सांप समेत अन्य जहरीले जीव-जंतु भी थे।

परमानंद मंडल ने बताया कि वे यह सोचकर पेड़ पर चढ़े कि पानी कम होने पर उतर जाएंगे। लेकिन, पानी बढ़ता चला गया और उनकी जिंदगी पेड़ पर ही टंग गई। इस दौरान बाढ़ में बहकर आने वाली सामग्री व पेड़ के पत्तों आदि को खाकर किसी तरह जीवन चला। परमानंद ने बताया कि प्यास लगने पर बाढ़ के पानी का ही सहारा था, जिसे पीने पर उबकाई आती थी।

उन्होंने बताया कि पेड़ पर सांप व अन्य खतरनाक जीव-जंतु भी थे। इस बीच कई बार बारिश का भी सामना करना पड़ा। परमानंद मंडल ने बताया कि जब जान पर बन आई तो ये जीव-जंतु भी दोस्त बन गए थे। वे सभी भी साथ रहने लगे थे। हालांकि, एहतियातन परिवार के लोग इन जीवों से सुरक्षा के लिए एक-एक कर सोते थे। एक व्यक्ति परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहता था।

एनडीआरएफ के कमांडेंट संजय कुमार के अनुसार ने बताया कि बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने पेड़ पर जीवन गुजार रहे इस परिवार को बचाया।

Posted By: Amit Alok