भागलपुर [अमरेन्द्र कुमार तिवारी]। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) ने शोध परख शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य के सात कॉलेजों के शिक्षकों द्वारा समर्पित 48 शोध परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इतना ही नहीं परिषद ने शोध कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए पांच करोड़ 21 लाख 93 हजार राशि का भी आवंटन कर दिया है। जिसमें सात शोध परियोजनाएं भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों का भी शामिल है। विभिन्न विभागों के जिन शिक्षकों की शोध परियोजनाएं स्वीकृत हुई है उसमें डॉ. सुचित पटेल, डॉ. बमबम कुमार, डॉ. कौशल झा, परिमल साह, सुमित माने, डॉ. राकेश कुमार एवं डॉ. मनीष कुमार शामिल हैं।

बता दें कि राज्य के भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज सहित सात तकनीकी कॉलेजों के विभिन्न शाखाओं में एआइसीटीई से अड़तालीस परियोजनाएं स्वीकृत हुई है। जिसमें गया अभियंत्रण महाविद्यालय के नौ , मुजफ्फरपुर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी का 10, मोतिहारी अभियंत्रण महाविद्यालय का आठ, दरभंगा अभियंत्रण महाविधालय का सात, नालंदा अभियंत्रण महाविद्यालय, चंडी का पांच तथा लोकनायक जयप्रकश अभियंत्रण महाविधालय का दो शोध परियोजनाएं शामिल है। नेशनल प्रोजेक्ट इंप्लीटेशन यूनिट (एनपीआइयू) और एआईसीटीई के सहयोग से यह योजना लागू की गई थी। पूर्व में सभी इंजीनियरिंग शाखाओं से विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव मांगा गया था। जिसमें सभी नेशनल प्रोजेक्ट इंप्लीटेशन यूनिट के शिक्षकों ने अपने अभिनव सोच के आधार पर जनहित में अपना शोध प्रस्ताव समर्पित किया था।

ये सभी शिक्षक अपने अपने क्षेत्र में एनआईटी और आइआइटी के संकायों के साथ काम करेंगे और समाज की भलाई के लिए अपने अनुभवों को साझा करेंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से कॉलेज को जो राशि आवंटित की गई है उससे कॉलेज के बुनियादी ढांचे को भी बढ़ाने में सहायक होगा। छात्रों को भी शोध परियोजना में काम करने का मौका मिलेगा। भविष्य में वे भी शोध की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. फखरूद्दीन अंसारी ने कहा कि इस परियोजना से संस्थान में शोध परख शिक्षा को बल मिलेगा। छात्र-छात्राएं विज्ञान की दुनियां में ऊंची उड़ान भर पाएंगे।

Posted By: Dilip Shukla

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