भागलपुर [जेएनएन]। भागलपुर से किऊल तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन परिचालन का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है। मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मु. लतीफ खान ने भागलपुर से अभयपुर के बीच निरीक्षण किया। निरीक्षण में सबकुछ ठीक मिला। इसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

शुक्रवार को किऊल-भागलपुर के बीच 120 की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन चलाकर फाइनल ट्रॉयल किया जाएगा। इसके बाद सीआरएस परिचालन संबंधित रिपोर्ट मंडल कार्यालय को देंगे। अधिकारियों के अनुसार 24 मार्च तक इलेक्ट्रिक इंजन से शुरू हो सकता है। पहले चरण भागलपुर से खुलने वाली चार महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन इलेक्ट्रिक इंजन से किया जाएगा। इससे पहले सीआरएस भागलपुर जंक्शन का निरीक्षण किया।

रेल पटरियों और रेल विद्युतीकरण के बीच फीते से ऊंचाई मापा। चंपानगर के पास बने रेल ओवर ब्रिज के नीचे गुजरे तार को सीआरएस ने देखा। अब्जूगंज रेल फाटक के पास कर्व लाइन पर स्पीड की जांच की। सुल्तानगंज स्टेशन पर करीब एक घंटे यात्री सुविधा से रूबरू हुए। व्यवस्था देख काफी खुश दिखे। जमालपुर रेल सुरंग के बाहर जांच ट्रेन को रोककर अधिकारियों के साथ सुरंग में गुजरे विद्युतीकरण वायर को देखा। निरीक्षण के दौरान एडीआरएम एसके भगत, सीनियर डीओएम एके मौर्या, सीएफटीएम, निदेशक सीपी शर्मा, एरिया ऑफिसर आलोक कुमार, मुख्य यार्ड निरीक्षक सहित इलेक्ट्रिक विभाग के अधिकारी थे।

नारियल फोडऩे के बाद खुली जांच ट्रेन

कोई भी शुभ काम शुरू होने से पहले नारियल फोड़ा जाता है। गुरुवार को निरीक्षण से पहले अधिकारियों ने नारियल फोड़े। इसके बाद जांच ट्रेन जमालपुर की ओर रवाना हुई। इससे पहले मुख्य यार्ड मास्टर प्रमोद कुमार के साथ स्टेशन पर यात्री सुविधाओं से रूबरू हुए।

100 की रफ्तार से चली जांच ट्रेन

13 कोच की जांच ट्रेन में डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन भी लगे हुए थे। लोको इंस्पेक्टर एमएम पांडे, ट्रैफिक इंस्पेक्टर बीबी तिवारी लोको पायलट के साथ इंजन में सवार थे। जांच ट्रेन 100 की रफ्तार में चली। किसी तरह का कोई परेशानी नहीं हुई। शुक्रवार को 110 से 120 किमी की रफ्तार से ट्रेन सीआरएस इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रॉयल करेंगे।

Posted By: Dilip Shukla