यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Eid ul Azha 2020 : बकरीद में ईदगाह और मस्जिदों में नहीं अदा की जाएगी सामूहिक नमाज
Eid ul Azha 2020 बकरीद पर कोरोना का व्यापक प्रभाव पड़ा है। इस कारण इस बार सामूहिक नमाज नहीं पढी जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने भी अपील जारी की है।

भागलपुर, जेएनएन। Eid ul Azha 2020 : बकरीद की सामूहिक नमाज ईदगाह व मस्जिदों में इस बार अदा नहीं की जाएगी। लोग अपने घरों में ही नमाज अदा करेंगे। इसके लिए बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अपील की है। बोर्ड ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक से 31 अगस्त तक अनलॉक थ्री के तहत निर्देश जारी किया है। इसके अंतर्गत किसी भी तरह की धार्मिक आयोजन पर पाबंदी लगाई गई है। केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देश का अनुपालन राज्य में रहेगा।
वहीं, जिला शिया वक्फ कमेटी के सचिव जीजाह हुसैन ने भी लोगों से कहा है कि जिस तरह से हम लोगों ने शबे बरात, रमजान और ईद में इबादत व नमाज घर पर अदा की है। उसी तरह से एक अगस्त को होने वाली बकरीद पर भी नमाज अपने-अपने घरों में अदा करें।
शिया मस्जिदों में नहीं होगी बकरीद की नमाज
नया बाजार स्थित शिया जामा मस्जिद और आसानंदपुर शिया मस्जिद में नमाज जमात में नहीं होगी। जिला शिया वक्फ कमेटी के सचिव जीजाह हुसैन ने कहा कि जिस तरह से शबे बरात, रमजान व ईद के मौके पर इबादत व नमाज घर पर ही अदा की गई। उसी तरह एक अगस्त को बकरीद की नमाज भी घर पर अदा की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन जारी है। इसके संक्रमण का प्रभाव तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी है।
कल है पर्व
बकरीद यानी ईद-उल अजहा शनिवार को मनाया जाएगा। कुर्बानी पर्व को लेकर लोगों ने तैयारी पूरी कर ली है। कुर्बानी के लिए जहां देर शाम तक बकरा की बोली लगी। इस साल ईद-उल अजहा का पर्व 1, 2 और 3 अगस्त को मनाया जाएगा। लॉकडाउन का असर मंडी पर भी दिखाई दिया। लोग शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए बकरा की बोली लगा रहे थे।
