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AI से स्टेशन पर भर दिया पानी! भागलपुर रेलखंड की फर्जी तस्वीरों पर रेलवे का कड़ा एक्शन, दर्जनों अकाउंट रडार पर

Published: Sat, 12 Sep 2026 01:04 PM (IST)

Eastern Railway Fake AI Photos Action: सोशल मीडिया पर भागलपुर रेलखंड में बाढ़ और ट्रेनों के ठप होने के फर्जी ...और पढ़ें

Eastern Railway Fake AI Photos Action: भागलपुर रेलखंड पर जलभराव की फर्जी AI तस्वीरों पर रेलवे सख्त, भ्रामक पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट रडार पर

Eastern Railway Fake AI Photos Action: भागलपुर रेलखंड पर जलभराव की फर्जी AI तस्वीरों पर रेलवे सख्त, भ्रामक पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट रडार पर

HighLights

  1. फर्जी बाढ़ वीडियो-तस्वीरें वायरल करने वालों पर रेलवे की कार्रवाई।

  2. AI और डीपफेक टूल्स से भ्रम फैलाने वाले अकाउंट्स की जांच।

  3. भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Eastern Railway Fake AI Photos Action: सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'व्यूज' की अंधी दौड़ अब रेलवे ट्रैक तक आ पहुंची है, जहां हकीकत में ट्रेनें फर्राटा भर रही हैं और इंटरनेट की आभासी दुनिया में स्टेशनों को पानी में डुबोया जा रहा है। भागलपुर, कहलगांव और मिर्जाचौकी जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भारी बारिश से ट्रैक डूबने और ट्रेनों का परिचालन ठप होने के फर्जी व भ्रामक वीडियो-तस्वीरें वायरल करने वालों के खिलाफ पूर्व रेलवे ने अब सख्त कानूनी हंटर चलाने का मन बना लिया है।

साइबर सेल की मदद से ऐसे शरारती इंटरनेट मीडिया हैंडल्स की कुंडली खंगाली जा रही है। जांच इस बात की भी हो रही है कि क्या किसी गहरी साजिश या सनसनी फैलाने के मकसद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक टूल्स की मदद से ये डिजिटल प्रपंच रचा गया है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी मनगढ़ंत तस्वीरें धड़ल्ले से तैर रही थीं, जिनमें भागलपुर रेलखंड को जलमग्न और ट्रेनों का चक्का जाम दिखाया गया था। जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पिछले हफ्ते जब न्यू फरक्का के पास ट्रैक धंसने की तकनीकी चुनौती आई थी, तब रेलवे ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते ट्रेनों का डायवर्जन कर संचालन को सुरक्षित बनाया था।

पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक और मालदा के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष गुप्ता पल-पल की स्थिति पर खुद नजर रखे हुए हैं। पुलों के गर्डर तक पानी पहुंचने की खबरों के बीच डीआरएम ने मालदा से जमालपुर तक खुद विंडो ट्रेलिंग और मैराथन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली थी।

24 घंटे थ्री-लेयर पेट्रोलिंग, बैकअप में खड़ी हैं 'राहत गाड़ियां'

मानसून के दौरान सुरक्षित रेल संचालन के लिए रेल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जल संसाधन और मौसम विभाग से रियल-टाइम डेटा लेकर समन्वय बनाया जा रहा है। लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों को स्पष्ट 'शार्प लुक आउट' नोटिस जारी किए गए हैं। पटरियों की हिफाजत के लिए दिन-रात तीन स्तरों (थ्री-लेयर) पर सघन मानसून पेट्रोलिंग कराई जा रही है।

  • सस्ते व्यूज और सनसनी फैलाने के लिए भागलपुर, कहलगांव और मिर्जाचौकी स्टेशनों पर भारी जलभराव की फर्जी तस्वीरें व वीडियो किए गए वायरल

  • पूर्व रेलवे ने लिया कड़ा संज्ञान; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक टूल्स से छेड़छाड़ कर भ्रम फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू

  • धरातल पर सामान्य है ट्रेनों का परिचालन; न्यू फरक्का ट्रैक धंसने के बाद जीएम और डीआरएम मनीष गुप्ता खुद संभाले हुए हैं कमान

  • ट्रैक सुरक्षा के लिए 24 घंटे थ्री-लेयर मानसून पेट्रोलिंग, स्टोन डस्ट-बैलास्ट से भरी मालगाड़ियां रिजर्व; सीपीआरओ ने अफवाहों से बचने की अपील की

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टोन डस्ट (पत्थर के चूर्ण) और बैलास्ट (गिट्टी) से लदी विशेष मालगाड़ियों को संवेदनशील प्वाइंट्स पर रिजर्व रैक के तौर पर तैनात रखा गया है। इसके अलावा क्षेत्रीय स्तर पर ट्रैक मेंटेनेंस गैंग और मजदूरों को 24 घंटे स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है, ताकि एक इशारा मिलते ही किसी भी खराबी को दुरुस्त किया जा सके। पूर्व रेलवे मुख्यालय कोलकाता से भी पूरे सेक्शन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

सनसनी फैलाने वालों पर दर्ज होगा केस: सीपीआरओ

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) शिबराज माजी ने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक और पुरानी/एडिटेड तस्वीरों को फैलाकर यात्रियों के बीच अकारण दहशत और भ्रम की स्थिति पैदा करने की नापाक कोशिश की जा रही है।

उन्होंने दो-टूक कहा कि यात्री सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानसून को लेकर तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) व सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है। सीपीआरओ ने यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो या फोटो पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और केवल रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल व 139 हेल्पलाइन से ही सही जानकारी हासिल करें। रेलवे प्रशासन भ्रामक पोस्ट करने वाले यूजर्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और रेलवे एक्ट की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।