भागलपुर। नगर निगम में गुरुवार को फुटकर विक्रेताओं की परेशानी सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने मोबाइल पर डीएम से बात की। उन्होंने कहा कि डीएम साहब, अतिक्रमण हटाने के नाम पर फुटकरों को परेशान नहीं करें। बल्कि उन्हें चिह्नित करके व्यवस्थित करने का उपाय करें। जो ड्राइव चला रहे हैं उसमें बताना होगा कि सरकार की योजना के तहत वेंडिग जोन लगा रहे हैं। ये नहीं बताएंगे तो लोग परेशान करेंगे। वेंडिंग जोन प्रधानमंत्री की बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। इसे हर हाल में लागू करना है। जिला स्तरीय बैठक कर अपने स्तर से निगरानी करें। बहुत मिल रही है शिकायत, अभी गाड़ी में बिठाकर पटना लेते चले जाऊंगा

डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने शहर में सफाई व्यवस्था, आवास योजना और कई फाइलों को तीन-तीन माह तक अटकाने का मामला उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसपर उपमुख्यमंत्री ने पूछा कि कौन है सिटी मैनेजर? कितने बड़े आदमी हो गए हैं। अक्सर शिकायतें मिल रही हैं। ठीक से काम नहीं किया तो अभी गाड़ी में बिठाकर पटना लेते चला जाऊंगा। कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई भी होगी।

सिटी मैनेजर की कार्यशैली से कांग्रेस विधायक दल के नेता सह नगर विधायक अजीत शर्मा के साथ-साथ कई पार्षद भी नाराज दिखे।

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पैसे की कमी नहीं, फिर कैसे अटका निर्माण

उपमुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त से पूछा, क्या हाल है सम्राट अशोक भवन के निर्माण का। अगर कोई समस्या है तो पटना आकर उसका निदान करना चाहिए था। कोई दिक्कत हो तो व्हाट्सएप कीजिए। राशि रखी हुई है, भेज देंगे। सम्राट अशोक भवन मेरी प्राथमिकता में हैं। मंत्री ने पास खड़े सुबोध बाबू से कहा-सम्राट अशोक भवन का जो निगम ने प्रस्ताव भेजा है उसका शीघ्र आवंटन भेज दें।

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यह बाबू वाला नहीं, सेवा वाला विभाग है

शहर कैसे होगा स्वच्छ, इस पर गंभीर चितन के साथ कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उपमुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त से कहा कि यह बाबू वाला नहीं बल्कि सेवा वाला विभाग है। बाबू वाली बात को दिमाग से निकाल दीजिए। यहां आपको काम करना होगा। दो-चार वार्ड में कनीय अधिकारी से साथ भ्रमण करना चाहिए। जनता से मिलेंगे तो उनकी समस्या को समझेंगे, तभी निदान कर पाएंगे। सुबह छह बजे से नौ बजे तक करीब तीन से चार घंटे तक भ्रमण करेंगे तो शहर की समस्या पता चल जाएगा। पटना में डीएम व नगर आयुक्त रात एक बजे तक काम करते हैं। मेयर के सुझाव पर देर रात आदेश में बदलाव कर आपको जिम्मेदारी दी गई है।

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स्मार्ट सिटी के कार्य में लापरवाही से नपे कई लोग

स्मार्ट सिटी के कार्य में सुधार के लिए कार्यवाही भी हुई है। कई लोग बदले गए हैं। प्रमंडलीय आयुक्त को चेयरमैन के पद से हटाकर प्रधान सचिव को जिम्मेदारी दी गई। उपमुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि यहां काम करने वाले अधिकारी की जरूरत है। पूर्व नगर आयुक्त जे. प्रियदर्शनी को यहां कार्य करने में मन नहीं लग रहा था। कई बार शिकायत मिली। मुख्यमंत्री से कहकर उन्हें हटाया गया। स्मार्ट सिटी की चार योजनाएं चल रही हैं।

सैंडिस कंपाउंड में चल रहे कार्य की प्रगति पर डिप्टी सीएम ने असंतोष जताया। कहा, यहां कार्य की स्थिति ठीक नहीं है। केंद्र व राज्य सरकार की राशि योजना पर खर्च हो रही है। कार्य में तेजी लाएं।