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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दीदी की नर्सरी: कटिहार में तैयार में हो रहे दो लाख पौधे, बिहार सरकार के विभाग पौधारोपण के लिए करेंगे खरीददारी

By Shivam BajpaiEdited By:
Published: Tue, 14 Jun 2022 06:48 PM (IST)

दीदी की नर्सरी- बिहार के कटिहार जिले में दीदी की नर्सरी में 2 लाख पौधे तैयार हो रहे हैं। पौधारोपण ...और पढ़ें

बिहार के कटिहार में दीदी की नर्सरी।
बिहार के कटिहार में दीदी की नर्सरी।

नीरज कुमार, कटिहार: जल, जीवन, हरियाली अभियान के तहत जीविका दीदियों को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिशु पौधे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री निजी पौधशाला योजना शुरू की गई है। इसके तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा मनरेगा द्वारा जीविका दीदियों को नर्सरी आवंटित की जाती है। जिले के चार प्रखंडों में दीदी की नर्सरी का सृजन वन विभाग के सहयोग से किया गया है। शेष 12 प्रखंडों में मनरेगा योजना अन्तर्गत जीविका दीदी की पौधशाला का सृजन किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में जीविका दीदी द्वारा आठ नर्सरी संचालित है। वन विभाग एवं मनरेगा योजना के तहत होने वाले पौधारोपण में दीदी की नर्सरी से पौधों की खरीद की जाएगी।

दीदी की नर्सरी में दो लाख से अधिक पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधों को वन विभाग एवं मनरेगा योजना से खरीदा जाता है। पौधे व बीज का वितरण दीदीयिों के बीच किया जाता है। जिले में जीविका दीदी द्वारा संचालित एक नर्सरी से 20 हजार पौधे खरीदे जाने का एकरारनामा हुआ है। जैव विविधिता को ध्यान में रखते हुए आम, अमरूद, आंवला, नींबू, नारियल, जामुन, कटहल, सहजन व बेल जैसे फलदार वृक्ष के पौधों के साथ-साथ सागवान, महोगनी जैसे इमारती लकड़ियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण एवं आक्सीजन की अधिकतम उपलब्धता हेतु पीपल, नीम, बरगद जैसे औषधीय महत्व के पेड़ भी लगाए जा रहे हैं।

दीदी की नर्सरी से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका संवर्धन

मुख्यमंत्री निजी पौधशाला योजना के तहत दीदी की नर्सरी से दीदियों को इस कार्य से अच्छी आमदनी हो रही है। प्रत्येक दीदी की नर्सरी से 20 हजार पौधों की आपूर्ति की जा रही है। इस एवज में वन विभाग व मनरेगा द्वारा 11 रुपये प्रति पौधे की दर से भुगतान किया गया था। पौधों की बिक्री से एक दीदी को कुल 2,20,000 रुपये की आमदनी हुई थी। वहीं पौधों को तैयार करने एवं इसके रख-रखाव पर औसतन एक लाख रुपये की लागत आती है। नर्सरी के कार्य में दीदी को एक वर्ष में एक से 1.25 लाख रुपये का मुनाफा होगा। वहीं इस वर्ष वन विभाग द्वारा 20 रुपये प्रति पौधे की दर से भुगतान किया जाना है। नर्सरी संचालित करने वाली दीदी को इस वर्ष दोगुणा लाभ होगा। पौधाशाला के लिए जीविका दीदीयों को समय समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

'जल, जीवन, हरियाली अभियान के तहत पौधारोपण के लिए वन विभाग के सहयोग से दीदी की नर्सरी जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगाई जा रही है। अब तक चार प्रखंडों में आठ नर्सरी संचालित है। शेष प्रखंडों में भी पौधशाला शीघ्र ही तैयार किया जाएगा। पौधारोपण के लिए दीदी की नर्सरी से वन विभाग व मनरेया योजना से शिशु पौधों की खरीद की जाएगी।'- आरके निखिल, डीपीएम, जीविका