जागरण टीम, लखीसराय: बीती 25 जनवरी की रात पिता-पुत्र का अपहरण नक्सलियों ने कर लिया था। कुछ ही देर बाद पिता को नक्सलियों ने मुक्त कर दिया। घर पर मातम पसरा रहा। इस अपहरण केस में नक्सलियों द्वारा फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया, जिसकी गवाही मौके पर पड़े खाली खोखे दे रहे थे। अब 29 जनवरी को अपह्रत बेटे की भी घर वापसी हो गई है। लेकिन वो नक्सलियों के चंगुल से आजाद कैसे हुए, ये राज बरकरार है।

मामला महुलिया गांव का है, जहां 25 जनवरी की रात रामजी यादव और उनके बेटे धर्मवीर कुमार को नक्सलियों ने एक साथ उठा लिया। इसके बाद रामजी को नक्सलियों ने छोड़ दिया लेकिन बेटे को साथ ले गए। अब बेटा भी घर वापस आ गया है। घर में खुशी का माहौल है। उधर पुलिसिया तफ्तीश जारी हो गई है। वापस लौटे धर्मवीर से बातचीत की जा रही है। धर्मवीर कैसे मुक्त होकर आया यह राज बरकरार है।

घर में घुसकर दबंगों ने की बेरहमी से पिटाई, तीन जख्मी

  • शहर के पुरानी बाजार वार्ड नंबर 11 शीतला मंदिर मुहल्ला में घटी घटना, लहूलुहान होकर जख्मी पहुंचा थाना, एक रेफर

संवाद सहयोगी, लखीसराय : शहर के पुरानी बाजार वार्ड नंबर 11 महावीर स्थान के नजदीक शीतला मंदिर मुहल्ला में शनिवार को स्थानीय चंद्रशेखर पासवान और रामेश्वर पासवान के घर में घुसकर दबंगों ने बेरहमी से लोहे के राड और खंती से पीटकर जख्मी कर दिया। इसमें तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के पीछे मामूली विवाद बताया जाता है। मारपीट में चंद्रशेखर पासवान के पुत्र आकाश कुमार, दिव्यांग पुत्र बादल कुमार और रामेश्वर पासवान के पुत्र रंजीत पासवान जख्मी हो गए। खंती से प्रहार से आकाश कुमार का सिर फुट गया। तीनों लहूलुहान जख्मी युवकों को उनके स्वजन शनिवार की सुबह लखीसराय थाना लेकर पहुंचे। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल ले गए।

जख्मी आकाश के पिता चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि मेरे पड़ोसी ने मेरे बेटे और भतीजा को खंती और लोहे के राड से मारपीट करके जख्मी कर दिया। दो दिन पहले भी उक्त लोगों ने मारपीट की थी। काफी देर बाद लखीसराय थाना के एसआइ अफरोज सदर अस्पताल पहुंचकर जख्मी एवं उनके स्वजनों से घटना की जानकारी ली तथा आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करने का भरोसा दिया। पुलिस ने फर्द बयान दर्ज कर लिया है। जख्मी आकाश के सिर से काफी खून बहने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।

Edited By: Shivam Bajpai