जागरण संवाददाता, भागलपुर। आपातकाल देश के लोकतंत्र पर काले धब्बे के समान है। भारतीय जनता पार्टी कार्यक्रम के माध्यम से देश के लोगों को आपातकाल से अवगत कराएगी। वर्तमान समय में भी लोगों को जानकारी होनी चाहिए कि आज से 47 वर्ष पूर्व 1975 के 25–26 जून से 21 मार्च 77 तक आपातकाल लगाकर देश के लोकतंत्र के ऊपर किस प्रकार का कुठाराघात किया गया था। इस घटना को आम जनमानस कभी नहीं भूलेगी। यह बातें शनिवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के भागलपुर जिलाध्यक्ष रोहित पाण्डेय ने कही।

उन्होंने कहा कि देश भर में भारतीय जनता पार्टी शनिवार और रविवार को कार्यक्रम कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती देने और कांग्रेस की तानाशाही से लोगों को अवगत कराने का काम करेगी। शनिवार को स्थानीय एक होटल में भाजपा की ओर से आपातकाल पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद शिरकत करेंगे। स्‍थानीय स्‍तर पर भी कई वक्‍ताओं को बुलाया गया है। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता खुद भाजपा जिलाध्‍यक्ष रोहित पांडेय करेंगे। 

उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद 25 जून को भागलपुर आएंगे। वे भागलपुर में आपातकाल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उसी दिन संध्या पांच बजे सड़क मार्ग से पटना के लिए प्रस्थान कर जाएंगे। इधर, डीएम सुब्रत कुमार सेन ने उपमुख्यमंत्री के आगमन को लेकर भागलपुर एसएसपी और नवगछिया एसपी को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।

अतिथि शिक्षक अभ्यर्थियों के धरना में शामिल हुए भाजपा नेता

साक्षात्कार का शेड्यूल जारी करने की मांग को लेकर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर में अतिथि शिक्षक अभ्यर्थियों का धरना शुक्रवार को 16 वें दिन भी जारी रहा। अतिथि शिक्षक अभ्यर्थी के मांग का समर्थन करने के लिए भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक डा. प्रशांत विक्रम और समाजसेवी विजय कुमार यादव धरना स्थल पर पहुंचे। प्राक्टर डा. रतन मंडल से मिल कर दोनों समाजसेवियों ने कहा कि प्रति कुलपति का व्यवहार धरना पर बैठे शिक्षकों के प्रति सम्मानजनक नहीं है। यही कारण है कि 16 दिनों से धरना पर बैठे अतिथि शिक्षकों से मिलने प्रभारी कुलपति की गैरमौजूदगी में प्रति कुलपति भी नहीं आए। बीते 21 अप्रैल से ही विश्वविद्यालय ने साक्षात्कार कराने का लिखित आश्वासन अतिथि शिक्षकों को दिया था, जो झूठ साबित हो चुका है। विवश होकर अतिथि शिक्षकों को छह जून से धरना पर बैठना पड़ा। इसपर प्राक्टर रतन मंडल ने कहा है कि 16 दिन से धरना पर बैठे अतिथि शिक्षकों के पूरे मामले से प्रति कुलपति को अवगत कराया जाएगा। जल्द ही उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Dilip Kumar Shukla