भागलपुर [जेएनएन]। शाहकुंड पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में शिकायतकर्ता के करीबी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसमें एसबीआइ की शाहकुंड शाखा और डाकिया की भूमिका भी संदिग्ध बताया है।

ठग की पहचान शाहकुंड के खेरही इलाके के कसबा गांव निवासी अक्षय कुमार उर्फ करण के रूप में हुई है। उसके पास से दो मोबाइल भी बरामद किया गया है। इस मामले में 11 सितंबर को बाथ के किरणपुर की शिक्षिका शीला कुमारी ने शाहकुंड थाने में दो लाख की अवैध निकासी का केस दर्ज कराया था। यह जानकारी एसएसपी आशीष भारती ने शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

शीला कुमारी कुछ माह पूर्व खेरही प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थी। वहां स्कूल और अन्य सरकारी कार्यों के लिए अक्षय को रखा था। विश्वास के कारण कई बार पैसे की जमा-निकासी भी वो अक्षय से ही करा लेती थी। इसी बीच अक्षय ने उनके खाता नंबर से एक एटीएम कार्ड के लिए बैंक को आवेदन दिया। आवेदन में उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दे दिया। एटीएम कार्ड आते ही उन्होंने अपने नंबर से उसे एक्टिव किया और खाते से रुपये निकाल लिए।

बैंक की भूमिका की होगी जांच

एसएसपी ने कहा कि बिना बैंक की मदद से एटीएम कार्ड जारी नहीं हो सकता है। इसके अलावे डाकिया ने किस तरह आरोपित को एटीएम कार्ड पहुंचाया, यह जांच का विषय है। थानेदार आशुतोष कुमार को इन बिंदुओं पर जांच का निर्देश दिया गया है। एसएसपी ने कहा कि इस मामले का पर्दाफाश करने में शाहकुंड थानेदार और तकनीकी सेल के सदस्यों ने बेहतर कार्य किया है। उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

साइबर क्राइम के मामले निपटाने का निर्देश

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अलग अलग तरीका अख्तियार कर रही है। एसएसपी आशीष भारती ने जिले के सभी थानेदारों को हफ्ते में साइबर अपराध से जुड़े एक मामले को निपटाने का टास्क दिया है। इसके लिए सभी थानेदारों को निर्देश जारी किया गया है। एसएसपी ने कहा कि थानों व पुलिस चौकी में दर्ज हो रहे साइबर अपराध के मामलों की जांच में सुस्ती बर्दाश्त नहीं होगी। थानेदारों को अपने अधीनस्थ अफसरों को इसके लिए निर्देशित करना होगा, ताकि एक मामला निपटाने के बाद वे खुद एसएसपी को रिपोर्ट कर सकें।

Posted By: Dilip Shukla

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