भागलपुर [जेएनएन]। साइबर ठगों ने चार अलग-अलग मामलों में लोगों से 7.45 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगे गए लोगों में नर्स, शिक्षिका और गृहिणी शामिल हैं। जब लोगों को ठगे जाने का अहसास हुआ तो उन्होंने थाने में मामला दर्ज कराया है। चार दिनों के अंदर दर्ज इन मामलों में पुलिस छानबीन कर रही है। हालांकि पुलिस के पास साइबर ठगों का नेटवर्क तोड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ऐसे में पुलिस लोगों को जागरुकता का पाठ पढ़ा रही है।

साइबर ठगी रोकने में पुलिस विफल

हाल ही में साइबर ठगों का आतंक जिले में बढ़ गया है। हर दिन विभिन्न थाना व पुलिस चौकी इलाके में आम लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। लेकिन पुलिस इसे रोक पाने में विफल साबित हो रही है। साइबर अपराध के 90 फीसद मामलों में पुलिस की जांच दम तोड़ती नजर आती है।

तकनीक का घोर अभाव

साइबर अपराधियों ने आम लोगों को त्रस्त कर रखा है। साइबर अपराधियों ने आम लोगों के खाते में सेंध लगा रखी है। वहीं कमजोर जांचकर्ता और संसाधनों के अभाव में साइबर ठगी के ज्यादातर मामलों में पुलिस की जांच फाइलों में दबी रह जाती है। ऐसे में यह जिले के लिए गंभीर समस्या के रूप में सामने आई है। इस मामले में हमें जागरूक रहने की जरूरत है। बैंक की तरफ से बार बार एडवाइजरी जारी होती है कि बैंक से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकरी फोन पर शेयर ना करें। ऐसे में हमें खुद भी सतर्क होना होगा।

एसएसपी आशीष भारती ने कहा कि इन मामलों में पुलिस साइबर सेल की मदद ले रही है। पहले कई मामलों में ठगों की गिरफ्तारी भी हुई है। साइबर ठगी के मामलों में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। वे किसी अनजान नंबर पर झांसे में आकर बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी कतई शेयर ना करें।

कुरियर के हेल्प लाइन से मांगी मदद तो खाते से गायब हुए 1.20 लाख

एक कुरियर कंपनी के हेल्प लाइन नंबर से मदद मांगने पर साइबर ठगों ने तिलकामांझी सच्चिदानंद नगर निवासी शारदा देवी के खाते से 1.20 हजार रुपये उड़ा लिए। इसकी शिकायत उनके बेटे संतोष कुमार ने तिलकामांझी पुलिस चौकी में रविवार को दर्ज कराई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। चौकी इंचार्ज मिथिलेश कुमार ने बताया कि इस मामले में बैंक डिटेल के आधार पर साइबर ठगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। संतोष ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी मां का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा बरारी में है। उनका एक कुरियर कंपनी से कुछ सामान आना वाला था। लेकिन सामान समय पर नहीं पहुंचा। इस वजह से उन्होंने गूगल की मदद से कुरियर कंपनी का एक हेल्प लाइन नंबर निकालकर उस पर फोन किया। उन्हें हेल्प लाइन पर बात करने वाले ने बताया कि 10 रुपये का भुगतान भीम यूपीआइ एप के माध्यम से कर दीजिए। आपका कुरियर आ जाएगा। इसी झांसे में उन्होंने 10 रुपये का भुगतान कर दिया। भुगतान करने के दूसरे दिन ही उनकी मां के खाते से अलग अलग करीब एक लाख 20 हजार का लेने देन हो गया। खाते से भीम यूपीआइ एप और पेटीएम के जरिए हुआ है। निकासी का उनके मोबाइल पर मैसेज आया। वे निकासी का मैसेज आने के बाद बैंक गए और स्टेटमेंट निकलावाया तो उसमें से रुपये गायब मिले। संतोष के मुताबिक अवैध लेन देन होने की शिकायत उन्होंने भीम, यूपीआइ एप और पेटीएम को भी की है।

सेवानिवृत सरकारी कर्मी की पत्‍नी के खाते से ठगों ने उड़ाए पांच लाख

बबरगंज इलाके के आनंदमार्ग कॉलोनी निवासी नीलम दास का साइबर ठगों ने करीब पांच लाख रुपये खाते से उड़ा लिए। उनके पति सरकारी विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने ठगी का मुकदमा रविवार को बबरगंज पुलिस चौकी में दर्ज कराया है। इंचार्ज पवन कुमार सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि उनका दिसंबर में खाते में दिया रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद हो गया था। उनके खाते में हर माह पेंशन की राशि आती थी। 22 अगस्त को जब उन्होंने अपना खाता अपडेट कराया तो उससे पांच लाख गायब मिले। मार्च से लेकर अगस्त तक उनके खाते से कई बार ऑनलाइन खरीददारी करने के साथ रुपये की अवैध निकासी एटीएम द्वारा हुई है। बबरगंज इंचार्ज ने बताया कि इस मामले में मोबाइल नंबर के आधार पर कुछ संदिग्ध खाता धारकों के बारे में पता चला है। जांच चल रही है जल्द ही ठग पकड़े जाएंगे।

तीन किश्तों में शिक्षक के खाते से उड़ाए पैसे

साइबर ठगों ने गोराडीह के सैनो, गंगटी निवासी कंचन कुमारी के खाते से तीन किश्तों में करीब 74 हजार से ज्यादा रुपये उड़ा लिया। वे गंगटी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। उन्होंने तिलकामांझी में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि 15 अगस्त को उनके खाते से 50531 रुपये, 19800 रुपये, और 4500 रुपये की अवैध निकासी हो गई। निकासी होने के पहले या बाद उनके पास किसी तरह का फोन भी नहीं आया। खाता अपडेट कराने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। तिलकामांझी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नंबर को आधार से लिंक कराने की बात पर नर्स का उड़ाया 50 हजार

मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराने की बात कह कर साइबर ठगों ने नर्स किरण सिन्हा के खाते से 50 हजार उड़ा लिया। वे मूलरूप से मुंगेर जिले के खैरा, हवेली खडग़पुर की रहने वाली हैं। वे पूर्णियां सदर अस्पताल में कार्यरत हैं। उनका स्टेट बैंक के अस्पताल शाखा में है। उन्होंने मामले की शिकायत डीआइजी विकास वैभव को की थी। उनके निर्देश पर ही बरारी पुलिस ने शुक्रवार को अज्ञात साइबर ठगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। चौकी इंचार्ज सुनील कुमार झा ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

अनजान नंबर से आया था फोन

नर्स ने अपनी शिकायत में कहा है कि 17 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि आपका नंबर आधार से जुड़ा हुआ है। तब फोन करने वाले ने उनसे कहा कि आपका यूनिनॉर नंबर से एयरटेल नंबर में बदला नहीं गया है। इसके बाद उसने कहा कि आपके मोबाइल पर छह डिजीट का नंबर भेज रहे हैं। वह बता दीजिए अन्यथा आपका सिम बंद हो जाएगा। इसी झांसे में नर्स ने नंबर बता दिया।

बरारी चौकी में शिकायत दर्ज करने में आनाकानी

छह डिजीट का नंबर बताते ही उन्हें एक अन्य नंबर से फोन आया और कहा कि आपके खाते से 50 हजार रुपये उड़ाए गए हैं। इस फोन के बाद जब उन्होंने बैंक से खाता चेक कराया तो खाते से 50 हजार गायब मिले। इस घटना के बाद वह शिकायत के लिए बरारी चौकी पहुंची। लेकिन, उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। तब उन्होंने डीआइजी से गुहार लगाई। उनकी पहल पर ही मुकदमा दर्ज हुआ।

Posted By: Dilip Shukla

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