भागलपुर। सजौर दुर्गा मंदिर परिसर में गणेश प्रतिमा स्थापित करने का विवाद धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को काफी संख्या में सजौर के फतेहपुर महिलाएं स्थानीय सजौर पुलिस चौकी के चौकी प्रभारी सुबोध पंडित की शिकायत लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचीं और घेराव कर दिया। महिलाएं सजौर पुलिस के विरुद्ध महिलाएं नारेबाजी भी कर रही थीं। उस समय एसएसपी अपने ऑफिस में नहीं थे। जब घेराव की जानकारी मुख्यालय डीएसपी रमेश कुमार को हुई तो उन्होंने दो महिलाओं को बातचीत के लिए बुलाया। उचित कार्रवाई के आश्वासन पर महिलाएं शांत हुई और वापस लौटीं।

महिलाओं का आरोप चौकी प्रभारी पहुंचा रहे दूसरे पक्ष को लाभ

फतेहपुर की महिलाओं ने चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बात पर डीएसपी मुख्यालय ने चौकी प्रभारी से इस मामले में बात की और जानकारी ली। महिलाओं की शिकायत थी कि उन लोगों का केस नहीं लिया जा रहा है। इस बात पर डीएसपी ने चौकी प्रभारी को केस लेते हुए जांच करने को कहा। वहीं डीएसपी ने महिलाओं को कहा कि वे लोग गांव में शांति बनाए रखें। यदि कोई भी पक्ष कानून तोड़ेगा तो उस पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने इस मामले की जानकारी एसएसपी आशीष भारती को भी दी।

हथियार के साथ युवक का सौंपा पुलिस को फोटो

फतेहपुर की कुछ महिलाओं ने डीएसपी को एक नाबालिग के हाथ में लिए पिस्टल के साथ फोटो दिखाया। जिसमें वह नाबालिग कहीं बैठा हुआ है। महिलाओं ने उसपर और एक अन्य पर फाय¨रग का भी आरोप लगाया। इस मामले पर डीएसपी ने गंभीरता से जल्द कार्रवाई का निर्देश दिया है। वहीं इसी मामले में सजौर पुलिस ने मंगलवार को फतेहपुर के राजेश वर्मा और मंदिर के सेवायतदार योगेन्द्र प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के कारण भी महिलाओं को गुस्सा था। उन लोगों का कहना है कि घटना के दिन जो भी फतेहपुर के लोग घायल थे। उन सभी को जेल भेज दिया गया है। जबकि उन लोगों की शिकायत सुनी तक नहीं गई।

Posted By: Jagran