भागलपुर [जेएनएन]। बीएड में दाखिला कराने के नाम पर 74 छात्रों से 46 लाख चार हजार रुपये की ठगी के मुकदमे में दो आरोपितों के विरुद्ध जारी इश्तेहार तामिल प्रतिवेदन वापस नहीं करने पर तिलकामांझी थानाध्यक्ष से कोर्ट ने जवाब मांग लिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने तिलकामांझी थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि वह तीन सितंबर 2019 को सशरीर न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब दाखिल करें। यह जवाब दें कि किन परिस्थिति में डॉ. कुलदीप एवं कुमार गौरव के विरुद्ध जारी इश्तेहार का तामिल प्रतिवेदन न्यायालय को वापस नहीं कराया।

27 फरवरी 2016 में कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी गबन की प्राथमिकी

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने 27 फरवरी 2016 को बूढ़ानाथ, आदमपुर निवासी राजेश मिश्रा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्राचार्य डॉ. कुलदीप कुमार, कुमार गौरव, नीलम सैनी, विपुल कुमार आदि के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी हुआ था। उक्त आदेश पर थाने में तब प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

तिलकामांझी चौक से सटे खान पट्टी स्थित पीआरएम एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड कंसलटेंसी के राजेश मिश्रा ने आरोप लगाया था कि बी एड में दाखिला के लिए 46 लाख चार हजार रुपये हरिद्वार, उत्तराखंड स्थित सी-2सी कंसलटेंसी के निदेशक समेत अन्य आरोपितों ने उनसे लिए थे। सारे रुपये गबन कर लिए गए। उक्त मामले में शिकायत बाद दर्ज प्राथमिकी में आरोपितों के विरुद्ध पुलिस का रवैया चुप्पी वाला रहा। आरोपितों ने पुलिस के लचर अनुसंधान का लाभ उठाते हुए जमानत भी पा ली। अब मामले में कुछ पुलिस पदाधिकारियों और आरोपितों के विरुद्ध शिकायतकर्ता उच्च न्यायालय में भी अर्जी दाखिल कर रखी है।

Posted By: Dilip Shukla

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